कोलकाता/सोनारपुर: पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद भड़की हिंसा (Post-Poll Violence) के पीड़ितों से मिलने निकले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को सोनारपुर में जानलेवा हमला हो गया। उग्र प्रदर्शनकारियों ने अभिषेक बनर्जी को घेरकर उनके साथ जमकर मारपीट की, उन पर घूंसे बरसाए और कपड़े तक फाड़ दिए। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि टीएमसी सांसद को खुद की सुरक्षा के लिए क्रिकेट खेलने वाला हेलमेट पहनना पड़ा।इस दौरान भीड़ की तरफ से उन पर लगातार अंडे और जूते फेंके गए और ' (चोर-चोर) तथा 'गो बैक' के नारे लगाए गए।
चार पहिया गाड़ी छोड़ बाइक पर सवार हुए, तभी हुआ हमला
शनिवार को अभिषेक बनर्जी का कार्यक्रम चुनाव बाद हुई हिंसा में मारे गए कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिलने का था। वे कोलकाता के बेलेघाटा होते हुए दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर जा रहे थे। रास्ते में उनके कालीघाट स्थित आवास पर सीआईडी ने उन्हें नोटिस भी थमाया था।
सोनारपुर पहुंचने से पहले ही पाटुली के ढलाई ब्रिज से लेकर कमराबाद तक भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय महिलाएं हाथों में काले झंडे और अंडे लेकर खड़ी थीं। भारी विरोध प्रदर्शन और रास्ता ब्लॉक होने के कारण अभिषेक बनर्जी अपनी चार पहिया गाड़ी से उतर गए और एक कार्यकर्ता की मोटरसाइकिल (बाइक) पर सवार होकर आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनकी बाइक को घेर लिया।
थप्पड़-घूंसे मारे, शर्ट के बटन तोड़े; हेलमेट पहनकर आगे बढ़े अभिषेक
जैसे ही अभिषेक बनर्जी बाइक से सोनारपुर के भीतर दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे, प्रदर्शनकारियों ने उन पर शारीरिक हमला (Physical Assault) कर दिया।
भीड़ ने उनके सिर, गर्दन और शरीर पर एलोपैथिक थप्पड़ और घूंसे मारने शुरू कर दिए।
धक्का-मुक्की में अभिषेक बनर्जी की सफेद शर्ट के सारे बटन टूट गए।
खुद को गंभीर चोट से बचाने के लिए अभिषेक बनर्जी ने तुरंत क्रिकेट का हेलमेट अपने सिर पर पहन लिया।
हेलमेट पहनने के बाद भी उन पर हमले नहीं रुके। रास्ते में खड़ी महिलाओं और प्रदर्शनकारियों ने उन पर लगातार अंडे और जूते बरसाए। इस भारी अराजकता के बीच भी टीएमसी सांसद हेलमेट पहने हुए पैदल ही हिंसा में मारे गए टीएमसी कार्यकर्ता संजू कर्मकार के घर की ओर बढ़ते रहे।
बीजेपी ने किया जोरदार प्रदर्शन, चप्पे-चप्पे पर लगे 'गो बैक' के नारे
अभिषेक बनर्जी के आने से पहले ही सोनारपुर के अलग-अलग इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाल रखा था। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चुनाव के बाद टीएमसी ने बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाई है। जैसे ही अभिषेक का काफिला वहां पहुंचा, 'गो बैक' और 'चोर-चोर' के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। कुछ लोगों ने उनके काफिले की गाड़ियों का पीछा करते हुए उन्हें दौड़ाया भी।
इस बेहद तनावपूर्ण स्थिति और भारी हमले के बावजूद अभिषेक बनर्जी किसी तरह संजू कर्मकार के घर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की, जहां मृतक के परिजन पूरी तरह बदहवास हालत में दिखे। इस घटना के बाद से दक्षिण 24 परगना और कोलकाता के राजनीतिक गलियारों में तनाव चरम पर पहुंच गया है।