कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) अब एक नई और आक्रामक भूमिका के लिए तैयार है। नई बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के बीच, टीएमसी के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया के जरिए पार्टी का रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि टीएमसी केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर बीजेपी के खिलाफ एक 'शक्तिशाली और समझौताविहीन' विपक्ष की भूमिका निभाएगी।
चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव परिणाम आने के बाद एक बार फिर निर्वाचन आयोग की भूमिका को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चिंता जताते हुए कहा, "लोकतांत्रिक संस्थानों की तटस्थता पर सवाल उठ रहे हैं। करीब 100 सीटों पर अनैतिक तरीके से टीएमसी को हराया गया।" उन्होंने मांग की है कि मतगणना केंद्रों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सार्वजनिक किए जाएं और VVPAT पर्चियों की पारदर्शी तरीके से दोबारा गिनती हो।
कार्यकर्ताओं से अपील: 'हौसला न हारें'
चुनाव बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों से टीएमसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रही हिंसा की खबरों पर अभिषेक ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए कहा, "इस कठिन समय में अपना मनोबल अटूट रखें और एकजुट रहें।" उन्होंने पीड़ित कार्यकर्ताओं से अपील की कि यदि उन्हें डराया या धमकाया जा रहा है, तो वे सीधे उनसे संपर्क करें या विस्तृत जानकारी साझा करें।
विपक्ष की बेंच पर बैठेगी टीएमसी
बता दें कि इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटों पर जीत मिली है, जिसके बाद अब उसके विधायकों को विधानसभा में विपक्ष की बेंच पर बैठना होगा। हालांकि, पार्टी ने अभी तक यह घोषित नहीं किया है कि विधानसभा में 'नेता प्रतिपक्ष' कौन होगा, लेकिन अभिषेक के तेवरों ने यह साफ कर दिया है कि सदन के भीतर और बाहर बीजेपी सरकार के लिए राह आसान नहीं होने वाली है।