श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार से पवित्र अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ हो गया। पहला जत्था जम्मू से रवाना होकर सुरक्षित पहलगाम और बालटाल बेस कैंप पहुंचा, जहां से श्रद्धालु बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा की ओर रवाना हुए। बारिश के कारण यात्रा निर्धारित समय से कुछ देर बाद सुबह 4 बजे शुरू हुई। इस वर्ष यात्रा के लिए पहलगाम के नुनवान और बालटाल के डोमेल में दो प्रमुख बेस कैंप बनाए गए हैं।
श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ "हर-हर महादेव" और भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए यात्रा पर निकले। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन का इंतजार लंबे समय से था और इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
कश्मीर पहुंचने पर श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर घाटी पहुंचने पर पहले जत्थे का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। गुरुवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 4,800 से अधिक श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड स्थित नवयुग सुरंग से घाटी में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। इस दौरान पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
दूसरा जत्था भी जम्मू से हुआ रवाना
शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा का दूसरा जत्था भी जम्मू से श्रीनगर के लिए रवाना हुआ। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
हाईवे पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा पूरे मार्ग पर डॉग स्क्वॉड, मेटल डिटेक्टर और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लगातार जांच की जा रही है।
प्रशासन पूरी तरह तैयार
बालटाल के नोडल अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन ने यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। हल्की बारिश के बावजूद यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर इमरजेंसी शेल्टर बनाए गए हैं और पहले दिन करीब 10 हजार श्रद्धालुओं के यात्रा पर निकलने की उम्मीद जताई गई है।