नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को ऑपरेशन ट्राइडेंट की सफलता की जानकारी देते हुए कहा कि भारत ड्रग कार्टेल को कुचलने तक हमला जारी रखेगा। 23 अक्टूबर को असम, मिजोरम और मणिपुर में एक साथ छापेमारी की गई। इसमें 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 1,424 बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए। इस ऑपरेशन में 100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का पर्दाफाश हुआ। म्यांमार स्थित ड्रग लॉर्ड के नेतृत्व वाले नारकोटिक्स कार्टेल के वित्तीय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
अमित शाह का ऐलान और बधाई
अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ऑपरेशन ट्राइडेंट भारत, म्यांमार और बांग्लादेश में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स कार्टेल को ध्वस्त करने के लिए चलाया गया। इसमें 100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का खुलासा हुआ। 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई तथा 500 डेटोनेटर और 12 लाख रुपये नकदी जब्त की गई। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों और तीनों राज्यों की पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टीम को बधाई दी। सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक हर ड्रग नेटवर्क को खत्म करना है।
डेथ ट्रायंगल कॉरिडोर के जरिए तस्करी
इस नेटवर्क ने भारत, म्यांमार और बांग्लादेश की सीमाओं के पार नारकोटिक्स की तस्करी डेथ ट्रायंगल कॉरिडोर के माध्यम से की। कार्टेल का नेतृत्व म्यांमार स्थित किंगपिन थांगसिंतुआंग उर्फ चिंतुआंग उर्फ त्लुआंगा कर रहा था। उसने मेथामफेटामाइनऔर हेरोइन की तस्करी म्यांमार-मिजोरम-मणिपुर-असम-त्रिपुरा कॉरिडोर के जरिए मुख्य भूमि भारत और बांग्लादेश तक की। उसे इस साल मई में गिरफ्तार किया जा चुका है। ऑपरेशन से उसके वित्तीय तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
38 टीमों द्वारा एक साथ छापे
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी की 38 टीमों ने असम, मिजोरम और मणिपुर में 38 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस बहु-राज्यीय अभियान का उद्देश्य कार्टेल के संचालन और वित्तीय ढांचे को एक साथ ध्वस्त करना था। छापों से पहले कई दिनों तक गुप्त खुफिया जानकारी जुटाई गई, संयुक्त लक्ष्य निर्धारण और उच्च स्तरीय सामरिक बैठकें हुईं। केंद्रीय और राज्य एजेंसियों ने मिलकर लॉजिस्टिक्स नोड्स और अवैध वित्तीय मार्गों पर प्रहार किया।
खुफिया जांच और एजेंसियों का समन्वय
यह मल्टी-स्टेट ऑपरेशन एनसीबी, मिजोरम पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय की खुफिया जांच पर आधारित था। चयनित मामलों में 360 डिग्री जांच के जरिए आगे और पीछे के लिंकों का पता लगाया गया। एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से पूरे नेटवर्क को निशाना बनाया गया। सरकार के बयान में कहा गया कि इस अभियान से अंतरराष्ट्रीय नारको-वित्तीय सिंडिकेट के खिलाफ मजबूत संदेश गया है। सीमा पार तस्करी के रूट्स को तोड़ने में सफलता मिली है।
ड्रग मुक्त भारत का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि भारत ड्रग कार्टेल के ताबूत में आखिरी कील ठोकने तक हमला जारी रखेगा। सरकार का संकल्प है कि 2029 के अंत तक हर ड्रग नेटवर्क को समाप्त कर दिया जाए। ऑपरेशन ट्राइडेंट जैसी कार्रवाइयां इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। नशे के व्यापार से युवाओं को बचाने और सीमा सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्रीय एजेंसियां और राज्य पुलिस मिलकर लगातार ऐसे अभियान चलाएंगी।