अन्ना हजारे ने आम आदमी पार्टी के सांसदों के पार्टी छोड़ने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय रखने और अपनी राह चुनने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि किसी को भी जबरदस्ती रोकना सही नहीं है और जो लोग गए हैं, उनके पीछे कोई न कोई वजह जरूर रही होगी।
‘पार्टी सही चलती तो कोई नहीं जाता’
अन्ना हजारे ने आगे कहा कि अगर कोई पार्टी छोड़ रहा है तो इसका जिम्मेदार सिर्फ व्यक्ति नहीं, बल्कि पार्टी की कार्यप्रणाली भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर संगठन सही तरीके से काम कर रहा होता तो लोग उसे छोड़कर नहीं जाते।
स्वार्थ और सत्ता की ओर इशारा
उन्होंने यह भी कहा कि जब स्वार्थ बढ़ता है तो लोग समाज और देश को भूलकर सत्ता और पैसे के पीछे भागने लगते हैं, जिससे ऐसी स्थितियां पैदा होती हैं।
राघव चड्ढा समेत कई सांसदों का फैसला
राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के कई सांसदों ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। दावा किया जा रहा है कि कुल सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी से अलग होने की बात कही है, जिनमें संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं।
राजनीति में बड़ा बदलाव
हालांकि अभी सभी सांसदों के एक ही दल में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कुछ नेताओं के दूसरी पार्टी में जाने की चर्चा तेज है। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।