अरुणाचल प्रदेश के केयी पैन्योर जिले का पोटिन क्षेत्र 24 जून को बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ और भीषण भूस्खलन की वजह से गंभीर आपदा का सामना कर रहा है। प्राकृतिक आपदा ने कुछ ही घंटों में पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी। पोसा गांव स्थित एनईईपीसीओ कॉलोनी में तेज बहाव ने कई मकानों, वाहनों और अन्य संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया। आपदा के बाद सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे पोटिन क्षेत्र का राज्य के अन्य हिस्सों से संपर्क टूट गया। प्रशासन के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां अभियान को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं।
मलबे से महिला का शव बरामद, लापता लोगों की तलाश जारी
जिला प्रशासन ने मलबे के बीच से एक महिला का शव बरामद किया है, जबकि आपदा के दौरान लापता हुए अन्य लोगों की खोज अभी भी जारी है। बचाव दल लगातार मलबे को हटाकर संभावित स्थानों पर तलाश अभियान चला रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रत्येक सूचना की गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी भी संभावित जीवित व्यक्ति तक शीघ्र पहुंचने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया है।
भूस्खलन ने बंद किए सभी प्रमुख मार्ग, बहाली में जुटे राहत दल
पोटिन से पोसा गांव तथा पोटिन से याचुली और ज़ीरो को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग अनेक स्थानों पर भूस्खलन और सड़क बह जाने के कारण पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं। सीमा सड़क संगठन, जिला प्रशासन तथा स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमें भारी मशीनों की सहायता से मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में लगी हुई हैं। हालांकि लगातार अस्थिर पहाड़ियां और बारिश का खतरा राहत कार्यों की गति को प्रभावित कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर संपर्क मार्ग बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि राहत सामग्री प्रभावित क्षेत्रों तक शीघ्र पहुंचाई जा सके।
प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई भयावह आपदा की दास्तान
स्थानीय निवासियों ने बताया कि 24 जून की सुबह का दृश्य अत्यंत भयावह था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आसपास की पहाड़ियों से एक साथ बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ और बादल फटने से आई तेज बाढ़ ने कुछ ही मिनटों में बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। कई मकान बह गए, वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और लोगों को जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इससे पहले अपने क्षेत्र में इतनी भीषण प्राकृतिक आपदा कभी नहीं देखी थी।
खाद्य संकट और बुनियादी सुविधाओं की चुनौती बनी बड़ी चिंता
संपर्क मार्ग बंद होने के कारण पोटिन क्षेत्र के लोगों को अब खाद्य सामग्री, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि कई गांवों में आवश्यक आपूर्ति बाधित होने लगी है और यदि जल्द सड़क संपर्क बहाल नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर काम शुरू कर दिया है। राज्य सरकार ने भी हालात पर लगातार नजर रखते हुए राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि सामान्य जनजीवन को जल्द से जल्द पटरी पर लाया जा सके।