पश्चिम बंगाल के हावड़ा में पूर्व मंत्री और मध्य हावड़ा से तृणमूल कांग्रेस विधायक अरूप रॉय एक नए विवाद में घिर गए हैं। उनके आवास से सटे एक गोदाम से कथित तौर पर सरकारी राहत सामग्री और खेल उपकरणों को लोरी में भरकर बाहर भेजे जाने की कोशिश का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद मामला तूल पकड़ गया और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने रोकी लोरी, बोरियों से निकले तिरपाल-कंबल और साइकिल
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विधायक निधि (MLA LAD) और विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत प्राप्त सामान इस गोदाम में रखा जाता था। बीती रात इलाके के एक निवासी ने देखा कि गोदाम से लगातार बोरियां लोरी में लादी जा रही हैं। संदेह होने पर स्थानीय लोगों को सूचना दी गई, जिसके बाद उन्होंने लोरी को रोक लिया। आरोप है कि जब बोरियां खोली गईं तो उनमें तिरपाल, सर्दियों के कंबल, स्कूली छात्रों के लिए आवंटित साइकिल, विकेट, हॉकी स्टिक और अन्य खेल सामग्री बरामद हुई। घटना की जानकारी फैलते ही इलाके में तनाव बढ़ गया और लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
भाजपा ने बताया सरकारी संपत्ति की तस्करी का मामला
इस घटना को लेकर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मध्य हावड़ा भाजपा संयोजक शिवशंकर सांधुखा ने आरोप लगाया कि लाखों रुपये की सरकारी राहत सामग्री और स्कूल स्तर की खेल सामग्री को कथित तौर पर दूसरी जगह भेजने की तैयारी थी। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में स्थानीय विधायक अरूप रॉय और हावड़ा नगर निगम के वार्ड नंबर 26 के पूर्व पार्षद श्यामल मित्र की भूमिका की जांच होनी चाहिए। भाजपा की ओर से थाने में लिखित शिकायत दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
भाजपा विधायक संजय कुमार सिंह ने भी उठाए सवाल
मामला अब पड़ोसी विधानसभा क्षेत्र तक पहुंच गया है। बाली विधानसभा सीट से भाजपा विधायक संजय कुमार सिंह ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि सरकारी संपत्ति को निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हावड़ा नगर निगम में लंबे समय से भ्रष्टाचार का माहौल बना हुआ है और इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
अरूप रॉय ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश
विधायक अरूप रॉय ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे पूरी तरह राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि किसी तरह की तस्करी नहीं हो रही थी, बल्कि गोदाम में रखी अतिरिक्त सरकारी राहत सामग्री को नियमानुसार जिला प्रशासन के कार्यालय में वापस भेजा जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर मौके पर पहुंचकर हंगामा किया और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। अरूप रॉय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी किसी तरह की बेईमानी नहीं की है।
पुलिस ने शुरू की जांच, जब्त किए गए सामान
स्थिति बिगड़ने के बाद शिवपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोरी समेत बरामद सामान को अपने कब्जे में ले लिया। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी सामग्री निजी गोदाम में किसके निर्देश पर रखी गई थी और उसे बाहर भेजने का उद्देश्य क्या था।