नई दिल्ली - अन्ना आंदोलन से जन्मी आम आदमी पार्टी के पुरानी साथी लगातार नाता तोड़ करे है। कभी आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के करीबी विश्वासपात्र और देश के सबसे युवा सांसदों में से एक माने जाने वाले चड्ढा ने भी झाडू का दामन छोड़ दिया, इतनी ही नहीं राघव खुद के साथ आप के 6 सांसद भी बीजेपी में ले गए। राघव का बीजेपी में जाना केजरीवाल के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं इस मामले पर स्वाती मालिवाल ने केजरीवाल और आप पार्टी को आड़े हाथ लिया है।
मुझे डराया, धमकाया गया
राज्यसभा सांसद स्वाती मालिवाल ने कहा कि, मैंने आम आदमी पार्टी छोड़ दी है और मैं भाजपा में शामिल हो गई हूं। 2006 से मैं अरविंद केजरीवाल के साथ काम कर रही थी, अपना घर छोड़ा, नौकरी छोड़ी, 7 साल झुग्गियों में रही और हर आंदोलन में उनका साथ दिया लेकिन अरविंद केजरीवाल ने अपने ही घर में मुझे एक गुंडे से पीटवाया। जब मैंने इसके खिलाफ आवाज़ उठाई तो मुझे डराया, धमकाया गया... इसके चलते 2 साल में मुझे एक बार भी पार्टी के समय से संसद में बोलने का मौका नहीं दिया गया।
अरविंद केजरीवाल महिला विरोधी हैं
मालिवाल ने दिल्ली के पूर्व सीएम पर हमला बोलते हुए कहा कि, अरविंद केजरीवाल महिला विरोधी हैं, वे देश में झूठ, भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के लिए जाने जाते हैं। वे पंजाब की सरकार को रिमोट कंट्रोल से चला रहे हैं और पंजाब को इन्होंने अपना निजी ATM बना दिया है। राज्यसभा सांसद ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि, रेत खनन, नशीली दवाओं का उपयोग पंजाब में चरम पर है, सब कुछ इनकी शह के नीचे हो रहा है।
मैं दिल से पीएम मोदी के नेतृत्व में विश्वास करती हूं
इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि, मैं मानती हूं कि प्रधानमंत्री मोदी न सिर्फ देश में बल्कि विश्व में सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं चाहे वह ऑपरेशन सिंदूर हो, देश से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म करना हो, या महिला आरक्षण बिल संसद में लाना हो। मैं किसी मजबूरी में भाजपा में शामिल नहीं हो रही, मैं इसलिए भाजपा में शामिल हो रही हूं क्योंकि मैं दिल से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्वास करती हूं।
आप ने हाल ही में राघव को उप-नेता के पद से हटाया था
आपको बता दें कि, आम आदमी पार्टी (आप) ने हाल ही में सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उप-नेता के पद से हटा दिया था और उनकी जगह पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को उपनेता बनाया गया था। चड्ढा ने पार्टी के कार्यों में अहम भूमिका निभाई थी। इसमें खासकर पंजाब और दिल्ली में ‘आप' के कार्यकाल के दौरान उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। हालांकि, हाल के महीनों में हालात बदल गए हैं।