जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Ashok Gehlot ने NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लगातार तीन वर्षों से परीक्षा घोटाले सामने आना बेहद गंभीर मामला है और इससे देश के लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। गहलोत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि अब उनके पास पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं बचा है।
‘2024 से 2026 तक लगातार पेपर लीक’
अशोक गहलोत ने कहा कि साल 2024, 2025 और 2026 में लगातार परीक्षा लीक और अनियमितताओं की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन केंद्र सरकार इसे रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है और जिम्मेदार लोगों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। गहलोत ने कहा कि लाखों छात्र सालों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और सपनों पर पानी फेर देती हैं।
राहुल गांधी ने भी उठाया था मुद्दा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने भी संसद और सार्वजनिक मंचों पर परीक्षा घोटालों का मुद्दा मजबूती से उठाया था। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार सरकार से पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करता रहा है, लेकिन अब तक कोई बड़ा सुधार नजर नहीं आया।
‘छात्रों की आत्महत्या बेहद चिंताजनक’
अशोक गहलोत ने कहा कि पेपर लीक मामलों की वजह से कई छात्र मानसिक तनाव में आ गए हैं और कुछ मामलों में आत्महत्या जैसी दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और भरोसे का सवाल है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार समय रहते सख्त कदम नहीं उठाती है, तो युवाओं का सिस्टम से विश्वास पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग
गहलोत ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री खुद इस्तीफा नहीं देते हैं तो प्रधानमंत्री Narendra Modi को उन्हें पद से हटाना चाहिए, ताकि देश के छात्रों को यह संदेश जाए कि सरकार उनके भविष्य को लेकर संवेदनशील है।
21 जून को दोबारा होगी NEET-UG परीक्षा
गौरतलब है कि NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया। इसके बाद देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अब 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया है।