आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके जरिए लाभार्थी की पहचान का सत्यापन किया जाता है। योजना के तहत पात्र परिवारों को उपचार संबंधी सुविधाओं का लाभ मिलता रहे, इसके लिए लाभार्थी का रिकॉर्ड सही और अपडेट रहना जरूरी है। यदि किसी लाभार्थी ने अभी तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, तो उसे जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। हालांकि, केवल ई-केवाईसी लंबित होने पर नाम निश्चित रूप से सूची से हट जाएगा, ऐसा दावा करने से पहले आधिकारिक स्थिति जांचना जरूरी है। लाभार्थी अपना रिकॉर्ड सत्यापित कराने के बाद डिजिटल आयुष्मान कार्ड से जुड़ी सुविधाओं का इस्तेमाल भी कर सकता है।
अस्पताल या सीएससी जाने की जरूरत नहीं
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराया है। पात्र व्यक्ति अपने मोबाइल फोन की मदद से घर बैठे इस प्रक्रिया को पूरा कर सकता है और हर काम के लिए अस्पताल या कॉमन सर्विस सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके लिए आधिकारिक आयुष्मान ऐप या संबंधित सरकारी डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल किया जा सकता है। मोबाइल नंबर, आधार अथवा अन्य जरूरी पहचान संबंधी जानकारी के आधार पर लाभार्थी रिकॉर्ड खोजा जा सकता है। इसके बाद उपलब्ध विकल्पों के जरिए पहचान सत्यापन पूरा किया जाता है, जिससे प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है।
मोबाइल से ऐसे शुरू करें प्रक्रिया
सबसे पहले मोबाइल फोन में आधिकारिक आयुष्मान ऐप डाउनलोड करें या योजना के आधिकारिक डिजिटल माध्यम पर जाएं। इसके बाद लाभार्थी वाले विकल्प का चयन कर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से लॉगिन करें। लॉगिन के बाद अपने राज्य और जिले का चयन करना होगा तथा संबंधित योजना का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद राशन कार्ड नंबर, आधार नंबर या उपलब्ध फैमिली आईडी की मदद से लाभार्थियों की सूची में अपना रिकॉर्ड खोजा जा सकता है। सूची में नाम मिलने के बाद जिस परिवार के सदस्य की ई-केवाईसी करनी है, उसके नाम पर क्लिक करके आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
फेस ऑथेंटिकेशन से होगा पहचान सत्यापन
लाभार्थी का नाम चुनने के बाद फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प सामने आ सकता है। इस चरण में मांगी गई आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी और पहचान सत्यापन के लिए लाइव फोटो उपलब्ध करानी होगी। प्रक्रिया पूरी करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि दर्ज की गई जानकारी लाभार्थी के आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल खाती हो। सभी आवश्यक विवरण भरने और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवेदन को सबमिट करना होगा। सफलतापूर्वक प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित रिकॉर्ड में ई-केवाईसी का स्टेटस दिखाई दे सकता है, जिससे लाभार्थी को पता चल जाएगा कि सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
डिजिटल आयुष्मान कार्ड से आसान होगी सुविधा
ई-केवाईसी पूरी होने के बाद लाभार्थी डिजिटल आयुष्मान कार्ड से जुड़ी सुविधा का इस्तेमाल कर सकता है। कार्ड और लाभार्थी रिकॉर्ड में किसी तरह की जानकारी संबंधी समस्या दिखाई दे तो उसे समय रहते ठीक कराना बेहतर है, ताकि इलाज के समय अनावश्यक परेशानी न हो। साथ ही, किसी अनधिकृत वेबसाइट या व्यक्ति के साथ आधार, ओटीपी अथवा अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। योजना से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करते समय केवल आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करना सुरक्षित रहता है। यदि ई-केवाईसी, कार्ड या पात्रता को लेकर कोई समस्या आती है, तो आयुष्मान भारत की हेल्पलाइन 14555 पर संपर्क किया जा सकता है।