केंद्रीय चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्टीकरण दिया है कि वोटर आईडी के लिए आधार अनिवार्य नहीं है। इस संबंध में चुनाव आयोग जल्द ही आधिकारिक घोषणा भी करेगा।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले वोटर आईडी बनाने का काम तेजी से चल रहा है। आधार की अनिवार्यता नहीं होना, कई लोगों के लिए राहत भरी खबर है।
क्या कहा चुनाव आयोग ने
भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह मतदाता सूची के पंजीकरण के लिए अपडेट जारी करेगा। बदलावों से अब किसी वयस्क को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए अपने आधार नंबर का विवरण डालने की आवश्यकता नहीं होगी।
कैसे बनाएं वोटर आईडी, अभी यह है व्यवस्था
वर्तमान में वोटर आईडी बनवाने और मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 और 6बी में आधार संबंधी विवरण की आवश्यकता होती है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मतदाता के रूप में पहचान की पुष्टि के लिए आधार नंबर मांगा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि इसके बिना मतदाता पहचान पत्र नहीं बनाया जा सकता।
चुनाव आयोग ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली और न्यायमूर्ति जेबी पारदी वाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया कि मतदाताओं के पंजीकरण (संशोधन) नियम 2022 के नियम 26-बी के तहत आधार संख्या का विवरण अनिवार्य नहीं है।
तेलंगाना के मामले में हुई सुनवाई
यह पूरा केस तेलंगाना से जुड़ा है, जहां इसी साल के आखिरी में चुनाव होने हैं। याचिका तेलंगाना प्रदेश समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जी निरंजन ने दायर की थी और मतदाताओं के पंजीकरण (संशोधन) नियम 2022 के नियम 26बी में बदलाव की मांग की गई है।
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