कोलकाता: बेहाला पश्चिम में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी बीच परणश्री इलाके में पोस्टर लगाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ताओं के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और स्थिति कुछ समय के लिए बेकाबू हो गई।
बीजेपी कार्यालय में तोड़फोड़ का आरोप, इलाके में बढ़ा तनाव
बीजेपी ने आरोप लगाया है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनके चुनावी कार्यालय में घुसकर पोस्टर और बैनर फाड़ दिए तथा जमकर तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई।
TMC उम्मीदवार रत्ना चट्टोपाध्याय के खिलाफ FIR दर्ज, जांच शुरू
घटना के बाद पुलिस ने टीएमसी की उम्मीदवार रत्ना चट्टोपाध्याय के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 5 अप्रैल को मिली शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जोड़कर यह पता लगाया जा रहा है कि किसकी क्या भूमिका रही।
बीजेपी प्रत्याशी इंद्रनील खान ने दर्ज कराई शिकायत, दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप
बीजेपी के उम्मीदवार इंद्रनील खान ने परणश्री थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए टीएमसी कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके पार्टी कार्यालय को निशाना बनाकर जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया। वहीं, टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उल्टा बीजेपी समर्थकों पर उनके पोस्टर और बैनर फाड़ने तथा माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
चुनाव आयोग सख्त, आचार संहिता उल्लंघन पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने साफ तौर पर कहा है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की हिंसा या आचार संहिता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
29 अप्रैल को मतदान, चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
गौरतलब है कि बेहाला पश्चिम विधानसभा सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होना निर्धारित है। ऐसे में मतदान से ठीक पहले हुई इस घटना ने राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।