कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार ने सत्ता संभालने के बाद अपने पहले सप्ताह का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड जारी किया है। सरकार ने इसे “डबल इंजन विकास मॉडल” की शुरुआत बताते हुए कई प्रशासनिक फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनकल्याणकारी घोषणाओं को अपनी शुरुआती उपलब्धियों के तौर पर पेश किया है।
सीमा सुरक्षा और केंद्र योजनाओं पर बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari की अध्यक्षता में नवान्न में हुई पहली कैबिनेट बैठक में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए बीएसएफ को 45 दिनों के भीतर भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही राज्य में लंबे समय से लंबित केंद्रीय स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत को लागू करने की प्रक्रिया भी शुरू करने की बात कही गई है। सरकार का दावा है कि इससे लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मिली रफ्तार
सरकार ने दावा किया है कि रेल मंत्रालय की ओर से बंगाल को तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की मंजूरी मिली है। इनमें न्यू जलपाईगुड़ी-सिलीगुड़ी डबल लाइन परियोजना, शालबनी-आद्रा तीसरी रेल लाइन की DPR प्रक्रिया और सांतराागाछी-खड़गपुर एक्सप्रेस सेवा योजना शामिल है।
इसके अलावा लंबे समय से अटकी चिंगड़ीहाटा मेट्रो परियोजना को फिर से शुरू करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं।
महिलाओं और बुजुर्गों के लिए बड़ी घोषणाएं
नई सरकार ने महिलाओं के लिए “अन्नपूर्णा भंडार योजना” के तहत हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा लागू करने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
वहीं वृद्धावस्था पेंशन को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये करने और दिव्यांग पेंशन में भी वृद्धि का निर्णय लिया गया है। सूत्रों के अनुसार ये योजनाएं 1 जून से लागू की जा सकती हैं।
शिक्षा, प्रशासन और भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
सरकार ने 2011 के बाद जारी जाति प्रमाणपत्रों के पुनः सत्यापन का फैसला लिया है। स्कूलों में “वंदे मातरम्” के अनिवार्य गायन और भ्रष्टाचार मामलों में जांच एजेंसियों को अधिक अधिकार देने की बात भी कही गई है।
इसके अलावा कृषि उत्पादों के अंतरराज्यीय व्यापार पर लगी कई पाबंदियों में ढील देने और पश्चिम बंगाल सिविल सेवा परीक्षा को दोबारा शुरू करने को भी सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
भाजपा का दावा - “तेज फैसलों से बदलेगा बंगाल”
भाजपा नेताओं का कहना है कि नई सरकार ने पहले ही सप्ताह में तेज प्रशासनिक फैसलों के जरिए बदलाव का संदेश देने की कोशिश की है। पार्टी का दावा है कि आने वाले महीनों में केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों से विकास परियोजनाओं को और गति मिलेगी।