कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए चल रहा चुनावी प्रचार सोमवार शाम समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही 29 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए 142 सीटों पर सियासी सरगर्मी थम जाएगी। इस चरण में सुरक्षा और मतदान व्यवस्था को लेकर चुनाव आयोग ने व्यापक तैयारियां की हैं।
दूसरे चरण में 16,000 केंद्रीय कर्मियों की तैनाती
चुनाव आयोग ने इस बार दूसरे चरण के मतदान के लिए करीब 16,000 केंद्रीय कर्मचारियों को पीठासीन अधिकारी और पोलिंग अधिकारी के रूप में तैनात करने का फैसला लिया है। ये सभी स्थायी केंद्रीय कर्मचारी होंगे। आयोग का कहना है कि इस कदम से मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सकेगा।
2,231 कंपनियां केंद्रीय बलों की होंगी तैनात
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कुल 2,231 केंद्रीय बलों की कंपनियां तैनात की जाएंगी। अकेले कोलकाता में ही 237 कंपनियां लगाई जाएंगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
कई पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई
चुनाव आयोग ने लापरवाही और पक्षपात के आरोपों के चलते हिंगलगंज थाना और डायमंड हार्बर पुलिस जिले में तैनात कुछ पुलिस अधिकारियों को हटाकर नए अधिकारियों की नियुक्ति की है। आयोग ने साफ निर्देश दिया है कि मतदाताओं को धमकाने या डराने की किसी भी कोशिश पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
सोमवार शाम खत्म होगा प्रचार
दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार का शोर सोमवार शाम 5 बजे के बाद पूरी तरह बंद हो जाएगा। इस चरण में कुल 1,448 उम्मीदवार मैदान में हैं। अंतिम दिन सभी प्रमुख दलों ने जोरदार प्रचार किया।
राजनीतिक दिग्गजों की जोरदार मौजूदगी
इस चरण में भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रचार किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने मोर्चा संभाला। अन्य दलों के नेताओं ने भी चुनावी माहौल को गर्माया।
मतदान के दिन मौसम भी चुनौती
मौसम विभाग ने 29 अप्रैल को कई जिलों में आंधी-तूफान और बारिश की संभावना जताई है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया और पूर्व बर्द्धमान जिलों में मौसम खराब रह सकता है, जिससे मतदान प्रक्रिया पर असर पड़ने की आशंका है।