पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने अपीलीय ट्रिब्यूनल के कामकाज पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जाहिर की और मामले को गंभीरता से लिया।
ट्रिब्यूनल पर आदेश न मानने का आरोप
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने मुख्य न्यायाधीश की पीठ के सामने शिकायत रखी कि ट्रिब्यूनल सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं कर रहा। आरोप है कि वकीलों को बहस की अनुमति नहीं दी जा रही और केवल ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।
मुख्य न्यायाधीश ने मांगी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की पीठ ने कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से तुरंत रिपोर्ट तलब करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की शिकायतें लगातार सामने आना चिंताजनक है।
आम लोगों को हो रही परेशानी
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों से लोगों को कोलकाता आना पड़ रहा है, लेकिन ट्रिब्यूनल में सही तरीके से सुनवाई नहीं हो रही। इससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
अगली सुनवाई पर नजर
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है और स्पष्ट किया है कि यदि रिपोर्ट में गड़बड़ी पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जा सकती है।