कृष्णनगर/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आम जनता के हक की सरकारी राहत सामग्री (Relief Materials) की कालाबाजारी और अवैध भंडारण को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के नदिया (Nadia) जिले के नबद्वीप पुरसभा के चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता बिमान कृष्ण साहा को पुलिस ने शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा दक्षिण 24 परगना के बारूईपुर से भी एक अन्य टीएमसी नेता को इसी आरोप में दबोचा गया है।
नबद्वीप में जब भारी पुलिस बल और केंद्रीय बल के जवान टीएमसी नेता बिमान कृष्ण साहा को आधी रात के बाद उनके घर से निकाल रहे थे, तो स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र भीड़ ने नेता को देखते ही 'चोर-चोर' के नारे लगाए, उन पर पानी की बोतलें और जूते तक फेंके।
क्लब के 10 कमरों में छिपाकर रखी थी राहत सामग्री: तिरपाल, कंबल और साड़ियां बरामद
मामला शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे शुरू हुआ, जब गुप्त सूचना के आधार पर नबद्वीप थाने की पुलिस ने बरालहाट स्पोर्टिंग क्लब में अचानक छापेमारी की। यह क्लब इत्तेफाक से टीएमसी नेता बिमान कृष्ण साहा के फ्लैट के बिल्कुल बगल में स्थित है।
तलाशी के दौरान क्या-क्या मिला:
क्लब के 10 कमरों को राहत सामग्री से ठसाठस भरा गया था।
वहां से भारी मात्रा में सरकारी तिरपाल (Tarpaulins) और कंबल बरामद हुए।
इसके अलावा विभिन्न उम्र की महिलाओं के पहनने के लिए आई सैकड़ों साड़ियां भी अवैध रूप से छिपाकर रखी गई थीं।
जैसे ही यह खबर इलाके में फैली, स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों का आरोप था कि गरीबों में बांटे जाने वाले इस सरकारी सामान को जानबूझकर दबाकर रखा गया था।
रात 3:40 बजे पुलिस ने घेरा घर, जनता पर करना पड़ा लाठीचार्ज
लगातार कई घंटों की तलाशी के बाद, शनिवार तड़के सुबह करीब 3:40 बजे नबद्वीप थाने की भारी पुलिस फोर्स और केंद्रीय बल ने बिमान कृष्ण साहा के घर को चारों तरफ से घेर लिया। जब पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर गाड़ी में बिठाने लगी, तो वहां मौजूद सैकड़ों लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।
भीड़ इतनी हिंसक हो गई कि टीएमसी नेता पर जूते और बोतलें बरसने लगीं। हालात को बेकाबू होते देख पुलिस को भीड़ को खदेड़ने के लिए हल्का लाठीचार्ज (Mild Lathi-Charge) भी करना पड़ा। सुबह साहा के साथ-साथ उनके करीबी सौरव पाल नाम के एक अन्य टीएमसी कार्यकर्ता को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
हालाँकि, पुलिस की गाड़ी में बैठते समय बिमान कृष्ण साहा ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा, "मुझे गिरफ्तार नहीं किया गया है, सिर्फ पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा है। मैं किसी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हूँ।" लेकिन वे इस बात का जवाब नहीं दे पाए कि सरकारी सामान उनके बगल वाले क्लब में क्यों बंद था।
बारूईपुर में भी बड़ी कार्रवाई: पंचायत समिति सदस्य सुधांशु गिरफ्तार
राहत सामग्री की चोरी का ऐसा ही एक और मामला दक्षिण 24 परगना के बारूईपुर (Baruipur) में सामने आया है। यहाँ पुलिस ने अवैध रूप से सरकारी सामान घर में छिपाकर रखने के आरोप में स्थानीय टीएमसी पंचायत समिति सदस्य सुधांशु नस्कर उर्फ भास्कर को गिरफ्तार किया है।शनिवार तड़के सब-इंस्पेक्टर (SI) अर्घ्य मंडल के नेतृत्व में केंद्रीय बलों के साथ पुलिस ने सुधांशु के घर पर रेड मारी।
सुधांशु के घर से बरामदगी:
70 पीस सरकारी तिरपाल।
30 पीस कंबल।
6 सीलबंद पैकेट बर्तन और अन्य जरूरी सामान।
सुधांशु भी पुलिस के सामने इस बात का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए कि आपदा के समय गरीबों को बांटे जाने वाले ये सामान उनके निजी घर में क्या कर रहे थे। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।