केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अच्छी खबर है। महंगाई भत्ता वृद्धि का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नवरात्रि-दशहरे के बीच केन्द्र की मोदी सरकार कर्मचारियों-पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में वृद्धि का ऐलान कर सकती है, वही अक्टूबर की सैलरी में बढ़े हुए महंगाई भत्ते (डीए) और एरियर्स का लाभ दिया जा सकता है, जो नंवबर में मिलेगी। इसका लाभ 47.58 लाख कर्मचारियों और लगभग 69.76 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा।हालांकि अभी अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
कब तक बढ़ेगा 3% महंगाई भत्ते?
दरअसल, केन्द्र सरकार द्वारा साल में दो बार जनवरी और जुलाई में केन्द्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है,जो की AICPI इंडेक्स के छमाही के आंकड़ों पर निर्भर करता है। जनवरी के बाद अब जुलाई 2023 की नई दरें जारी की जानी है। AICPI इंडेक्स के जनवरी से जून 2023 के आंकड़ों के मुताबिक डीए में 3 फीसदी की वृद्धि होना तय है। वर्तमान में 42% महंगाई भत्ते का लाभ मिल रहा है , जो वृद्धि के बाद 45% होने का अंनुमान है। खबर है कि वित्त विभाग ने डीए की दरों के संशोधन वाले प्रस्ताव को लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी है, जिसे जल्द कैबिनेट बैठक में रखा जा सकता है। हालांकि अंतिम फैसला पीएम मोदी को लेना है।
जुलाई से लागू होंगी नई दरें
ताजा मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, अक्टूबर में होने वाली कैबिनेट बैठक में 3% डीए वृद्धि का प्रस्ताव लाया जा सकता है।यहां से मंजूरी मिलने के बाद केन्द्रीय वित्त विभाग 45% महंगाई भत्ते के संबंध में आदेश जारी कर सकता है। चुंकी इसे 1 जुलाई 2023 से लागू किया जाएगा, ऐसे में कर्मचारियों-पेंशनरों को 3 महीने जुलाई अगस्त और सितंबर का एरियर भी मिलेगा।वही अन्य भत्तों में भी इजाफा होना तय है।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी का बेसिक-पे 18,000 रुपये है और उसे अभी 42 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिलता है, तो फिर ये 7,560 रुपये बनता है, जो 45% होने पर बढ़कर 8,100 रुपये हो जाएगा। यानी कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी में सीधे 540 रुपये बढ़ जाएंगे, वही अधिकतम बेसिक-पे 56,900 रुपये पर यह 25,605 रुपये हो जाएगा।
क्या मिलेगा 18 महीने का डीए एरियर या नहीं?
केन्द्रीय कर्मचारी पेंशनर्स लंबे समय से 18 महीने के बकाया डीए एरियर की मांग कर रहे है, लेकिन अब तक इस संबंध में सरकार की तरफ से सकारात्मक जवाब नहीं मिला है, हालांकि हालांकि सरकार की तरफ से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि अभी भी केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा एफआरबीएम अधिनियम में दर्शाए स्तर से दोगुने से अधिक चल रहा है,ऐसे में एरियर देना संभव नहीं है।इधर, बीते दिनों अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (एआईडीईएफ) के महासचिव सी.श्रीकुमार ने 20 सितंबर को नई दिल्ली में हुई राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) स्टाफ साइड की बैठक में 18 महीने के बकाया डीए एरियर का एक बार फिर मुद्दा उठाया था । वही उन्होंने केन्द्र सरकार के डीओपीटी के सचिव (पी) से आग्रह किया है कि डीए एरियर केंद्रीय कर्मियों और पेंशनरों का हक है, ऐसे में इस दीवाली पर बतौर गिफ्ट डीए/डीआर का एरियर जारी किया जाए।
Comments (0)