विलय समझौते के तहत विस्तारा एयरलाइंस आज अपनी आखिरी उड़ान भरेगी। इसके बाद इसके बेड़े का संचालन एअर इंडिया समूह की तरफ से किया जाएगा। बुकिंग भी एअर इंडिया के ही जरिए होगी। यह विलय प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब एअर इंडिया ही एकमात्र पूर्ण सेवा वाहक विमानन कंपनी रह जाएगी।
वहीं विस्तारा में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली सिंगापुर एयरलाइंस के पास विलय के बाद एयर इंडिया में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। इस विलय के साथ ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मानदंडों के उदारीकरण के बाद बनी एक विदेशी एयरलाइन के संयुक्त स्वामित्व वाली एक और भारतीय एयरलाइन खत्म हो जाएगी। बता दें कि देश में पिछले 17 वर्षों के दौरान पांच पूर्ण सेवा एयरलाइंस अपनी सेवाओं को अलविदा कह चुकी हैं।
विलय समझौते के तहत विस्तारा एयरलाइंस आज अपनी आखिरी उड़ान भरेगी। इसके बाद इसके बेड़े का संचालन एअर इंडिया समूह की तरफ से किया जाएगा। बुकिंग भी एअर इंडिया के ही जरिए होगी।
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