नई दिल्ली / चेन्नई: देशभर में नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर राजनीतिक गरमाहट अपने चरम पर है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के चल रहे विरोध प्रदर्शनों और जंतर-मंतर पर तनावपूर्ण माहौल के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके (TVK) प्रमुख थलपति विजय ने केंद्र सरकार के सामने एक बड़ी मांग रखी है। विजय ने कहा है कि नीट परीक्षा में केवल सुधार की आवश्यकता नहीं है, बल्कि इस प्रवेश परीक्षा को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाना चाहिए और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े अधिकार राज्यों को वापस सौंपे जाने चाहिए।
"नीट के कारण छात्रों का भविष्य अधर में" — टीवीके
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बयान जारी कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। टीवीके ने लिखा:"जब से नीट परीक्षा लागू हुई है, न केवल इसकी विश्वसनीयता पूरी तरह से धूमिल हुई है, बल्कि छात्र गंभीर मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। उनके भविष्य और सपनों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है। हर साल होने वाले इस नुकसान को रोकने का एकमात्र उपाय यही है कि नीट परीक्षा को पूरी तरह खत्म किया जाए।"टीवीके ने यह भी स्पष्ट किया कि वे नीट के मुद्दे पर कोई 'छलावा राजनीति' या झूठे वादे नहीं कर रहे हैं, जैसा कि विपक्षी दलों द्वारा किया जाता रहा है। पार्टी का स्टैंड स्पष्ट है कि राज्यों को उनके अधिकार वापस मिलने चाहिए ताकि वे स्वयं चिकित्सा शिक्षा की पारदर्शी व्यवस्था बना सकें।
राहुल गांधी की गिरफ्तारी को बताया 'लोकतंत्र का दमन'
प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों के समर्थन में धरने पर बैठे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी समेत वरिष्ठ विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर भी सीएम विजय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।टीवीके ने दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को "लोकतांत्रिक अधिकारों पर खुला हमला" करार दिया। बयान में कहा गया कि देश की राजधानी में अहिंसक तरीके से छात्रों की आवाज उठा रहे जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार और दमन घोर निंदनीय है।

लद्दाख से दिल्ली तक नीट का विरोध
उल्लेखनीय है कि नीट पेपर लीक के विरोध में और सीजेपी (CJP) प्रदर्शन के तहत लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे, जिन्हें हाल ही में दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाया गया। इस घटना के बाद से दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन और भी उग्र हो गया, जिसमें समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और एनसीपी नेता सुप्रिया सुले समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
सोशल मीडिया पर विजय का फेक वीडियो वायरल
एक ओर जहां तमिलनाडु के मुख्यमंत्री नीट पर अपनी नीति स्पष्ट कर रहे हैं, वहीं सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि सीएम विजय सीजेपी प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे हैं। हालांकि, फैक्ट-चेक में यह दावा पूरी तरह से फर्जी पाया गया है। यह वीडियो मई 2026 का है, जब थलपति विजय तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत का प्रमाण पत्र लेने जा रहे थे।