नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 25 साल पुराने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) घोटाले के मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई है। दिल्ली की विशेष MP-MLA कोर्ट ने उन्हें धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी करार देते हुए तिहाड़ जेल भेज दिया। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दरअसल दो साल से ज्यादा सजा पर कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता शून्य हो सकती है। हालांकि अपील करने के लिए उनके पास 30 दिनों का वक्त है।
कोर्ट ने इन धाराओं में ठहराया दोषी
अदालत ने राजेंद्र भारती को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 और 120(बी) के तहत दोषी पाया। उनके साथ सह-आरोपी बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है।
क्या था पूरा FD घोटाला मामला
यह मामला 24 अगस्त 1998 का है, जब विधायक भारती की मां सावित्री श्याम ने दतिया जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में 10 लाख रुपए की FD कराई थी। उस समय भारती बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष भी थे। अभियोजन के अनुसार, उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक रिकॉर्ड-लेजर बुक, FD स्लिप और रसीद में हेरफेर कर FD की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 10 और फिर 15 साल कर दी, ताकि 13.50% ब्याज का फायदा लंबे समय तक लिया जा सके।
बैंक को हुआ आर्थिक नुकसान
जांच में सामने आया कि 1999 से 2011 तक हर साल करीब 1.35 लाख रुपए का अनुचित लाभ लिया गया, जिससे बैंक को आर्थिक नुकसान हुआ। बाद में ऑडिट में गड़बड़ी सामने आने पर 2015 में मामला अदालत पहुंचा।
1 अप्रैल 2026 को सुनाया गया फैसला
दिल्ली की विशेष MP-MLA कोर्ट ने दतिया विधायक राजेंद्र भारती को 25 साल पुराने FD घोटाले में दोषी मानते हुए 3 साल के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उन्हें धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोपों में दोषी पाया। अदालत ने अभियोजन के सबूतों को ठोस मानते हुए 1 अप्रैल 2026 को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया और अब सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया है।
राजनीतिक असर: कांग्रेस के लिए झटका
इस फैसले को मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दतिया सीट पर इसका सीधा असर पड़ सकता है और आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत मिल रहे हैं।