दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पश्चिम जिले ने ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत मार्च महीने में बड़ी सफलता हासिल की। इस दौरान 39 बच्चों और 116 वयस्कों समेत कुल 155 लापता लोगों को उनके परिवारों से मिलाया गया।
सूचना मिलते ही शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
लापता व्यक्तियों की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया। जांच को तेज करने के लिए स्थानीय पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज की जांच और सार्वजनिक स्थानों पर तस्वीरें दिखाने जैसे कदम उठाए गए।
हर स्तर पर की गई गहन जांच
पुलिस टीमों ने बस ड्राइवरों, कंडक्टरों, दुकानदारों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। इसके अलावा आसपास के थानों, अस्पतालों और रिकॉर्ड्स की भी गहराई से जांच की गई। मुखबिरों की मदद भी ली गई।
थाना स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन
अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भी बेहतरीन काम देखने को मिला—
- वसंत विहार पुलिस ने 3 महिलाओं को सुरक्षित घर पहुंचाया
- आरके पुरम पुलिस ने 3 लोगों को ढूंढ निकाला
- वसंत कुंज (नॉर्थ और साउथ) टीमों ने 21 लोगों को बरामद किया
कई इलाकों में सफल कार्रवाई
कापसहेड़ा पुलिस ने 25, पालम गांव ने 17 और सागरपुर पुलिस ने 19 लोगों को उनके परिवारों से मिलाया। इसके अलावा दिल्ली कैंट, सरोजिनी नगर और एसजे एन्क्लेव में भी कई मामलों में सफलता मिली।
नाबालिगों की सुरक्षा पर खास ध्यान
अपराध निरोधक इकाइयों ने भी अहम भूमिका निभाई। एएचटीयू/एसडब्ल्यूडी ने 19 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित वापस पहुंचाया, जबकि डीएमपीयू/एसडब्ल्यूडी ने 3 अन्य लोगों को परिवार से मिलाया।
मानवीय पहल और सेवा का उदाहरण
‘ऑपरेशन मिलाप’ के जरिए दिल्ली पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचय दिया। तेज कार्रवाई और मानवीय दृष्टिकोण से कई परिवारों को राहत और खुशी मिली।