मध्यप्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाली किसी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने से मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगा है। हालांकि वातावरण में कुछ नमी आने के कारण कहीं-कहीं छिटपुट बौछारें पड़ रही हैं। वर्तमान में म्यांमार के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। कोंकण-गोवा के तट पर भी एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इनके प्रभाव से एक से तीन अक्टूबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं मध्यम स्तर की वर्षा हो सकती है। उधर पिछले 24 घंटे के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सीधी में 23.2, धार में 19.7, रतलाम में 12, सिवनी में 8.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। गुना एवं इंदौर में बूंदाबांदी हुई।
वातावरण में नमी रहने के कारण कहीं-कहीं छिटपुट वर्षा होने का सिलसिला बना हुआ है। साथ ही आंशिक बादल भी बने हुए हैं। उधर वर्तमान में म्यांमार के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। कोंकण-गोवा के तट पर भी एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। यह दोनों मौसम प्रणाली शनिवार को गहरे कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो जाएंगी। हालांकि कोंकण में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अरब सागर की तरफ बढ़ेगा। इस वजह से इसका प्रभाव मप्र पर पड़ने की संभावना नहीं है। उधर म्यांमार पर बनने वाला गहरा कम दबाव का क्षेत्र सोमवार को ओडिशा और उससे लगे पश्चिम बंगाल के तट पर पहुंचेगा। इस मौसम प्रणाली के असर से एक से तीन अक्टूबर तक पूर्वी मधय प्रदेश के जबलपुर, शहडोल, रीवा, सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम स्तर की वर्षा हो सकती है। शेष क्षेत्र में बादल छा सकते हैं।
मध्यप्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाली किसी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने से मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगा है। हालांकि वातावरण में कुछ नमी आने के कारण कहीं-कहीं छिटपुट बौछारें पड़ रही हैं। वर्तमान में म्यांमार के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। कोंकण-गोवा के तट पर भी एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इनके प्रभाव से एक से तीन अक्टूबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं मध्यम स्तर की वर्षा हो सकती है। उधर पिछले 24 घंटे के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सीधी में 23.2, धार में 19.7, रतलाम में 12, सिवनी में 8.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। गुना एवं इंदौर में बूंदाबांदी हुई।
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