दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज यानी शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'ककरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शन को देखते हुए पूरी दिल्ली को सुरक्षा के लिहाज से एक छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस ने प्रदर्शन से पहले ही रातभर चले ताबड़तोड़ अभियानों में लगभग 1 हजार लोगों को हिरासत में ले लिया है। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए ड्रोन से कड़ी निगरानी रखी जा रही है और मध्य दिल्ली के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
इंटरनेट सेवाएं बंद और धारा 163 लागू
प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए गृह मंत्रालय के निर्देश पर जनपथ-कर्तव्यपथ क्रॉसिंग के आसपास के चार किलोमीटर के दायरे में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जो 10 अक्टूबर की रात दस बजे तक प्रभावी रहेंगी। इसके साथ ही, मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) लागू कर दी गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर भर में कम से कम 26 हजार पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।
यूट्यूबर ध्रुव राठी और अन्य नेता गिरफ्तार
आंदोलन के मद्देनजर पुलिस ने कई प्रमुख हस्तियों और नेताओं पर शिकंजा कसा है। पॉपुलर यूट्यूबर ध्रुव राठी को उनके गुरुग्राम स्थित आवास से हिरासत में लिए जाने की खबर है। इसके अलावा, 'ककरोच' संगठन की कानूनी सलाहकार रत्ना सिंह और अन्य नेताओं को भी एहतियातन हिरासत में लिया गया है। वहीं, पार्टी के प्रमुख नेता अभिजीत दीपके और अन्य कार्यकर्ता तमाम प्रशासनिक बाधाओं और रेलवे-मेट्रो सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए जंतर-मंतर की ओर कूच कर चुके हैं।
रेल और मेट्रो सेवाओं पर असर, ट्रेनें रद्द
इस हाई-प्रोफाइल विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली आने वाली कई परिवहन सेवाओं पर असर पड़ा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर ट्रेनों के आवागमन को प्रतिबंधित किया गया है। इसके चलते कोलकाता से दिल्ली आने वाली जोड़ा राजधानी एक्सप्रेस समेत कई लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है, जिससे आम यात्रियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों की कड़ी प्रतिक्रिया
प्रशासन द्वारा प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने और तमाम पाबंदियों के बावजूद आयोजकों ने साफ कर दिया है कि वे अपने कार्यक्रम पर अडिग हैं। नेता अभिजीत दीपके ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ प्रशासन आंदोलन के कारण आम लोगों की असुविधा का हवाला दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ खुद मेट्रो, रेल और सड़कों को ब्लॉक करके आवाजाही बाधित कर रहा है। बहरहाल, जंतर-मंतर पर संभावित स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं।