वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने राजधानी और एनसीआर में बढ़ते धूल प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) गतिविधियों को लेकर सख्त नियम लागू करने का निर्णय लिया है। ये नए प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे और इनके तहत बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
200 वर्ग मीटर से बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए कचरा प्रबंधन अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार, 200 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी निर्माण और तोड़फोड़ प्रोजेक्ट्स के लिए कचरा प्रबंधन अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे प्रोजेक्ट्स से निकलने वाले मलबे को केवल निर्धारित निपटान केंद्रों पर ही जमा करना होगा, जिससे धूल के अनियंत्रित फैलाव को रोका जा सके।
ढके हुए वाहनों में ही होगा मलबे का परिवहन
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मलबे का परिवहन केवल ढके हुए वाहनों में ही किया जाएगा। इसका उद्देश्य परिवहन के दौरान सड़कों पर धूल फैलने से रोकना है। यह नियम सभी निर्माण एजेंसियों और डेवलपर्स पर सख्ती से लागू होगा।
उल्लंघन पर नहीं मिलेगा ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट
नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं। यदि कोई बिल्डर या प्रोजेक्ट संचालक निर्धारित नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसे ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) जारी नहीं किया जाएगा। इसके लिए कचरा निपटान की रसीद प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
धूल नियंत्रण के लिए अनिवार्य उपाय
बड़े निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए कई उपाय अनिवार्य किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- नियमित पानी का छिड़काव
- एंटी-स्मॉग गन का उपयोग
- निर्माण स्थल को कवर करना
- डस्ट बैरियर और स्क्रीन लगाना
- एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग के लिए सेंसर
तोड़फोड़ गतिविधियों पर विशेष निगरानी
CAQM के तकनीकी सदस्य एसडी अत्री के अनुसार, तोड़फोड़ गतिविधियों से निकलने वाली धूल प्रदूषण का एक बड़ा स्रोत बन चुकी है। पहले यह कार्य बिना पर्याप्त निगरानी के होता था, जिससे प्रदूषण बढ़ता था। अब नए नियमों के तहत इस पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।
हर प्रोजेक्ट के पास होगा निपटान केंद्र
नए निर्देशों के अनुसार, हर निर्माण प्रोजेक्ट के 5 किलोमीटर के दायरे में कम से कम एक अधिकृत कचरा निपटान केंद्र उपलब्ध कराया जाएगा। इससे मलबे का वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से निपटान संभव हो सकेगा।
ऑनलाइन पोर्टल से होगी निगरानी
पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से कचरा जमा करने की डिजिटल रसीद जारी होगी और मलबे की लोकेशन व निपटान की रियल-टाइम ट्रैकिंग की जा सकेगी।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
आयोग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के अनुपालन की नियमित निगरानी की जाएगी। किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर जुर्माना सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास प्रभावी रूप से लागू हो सकें।