केंद्र सरकार ने कल यानी की मंगलवार नई संसद भवन में महिला आरक्षण बिल पेश किया। दूसरी ओर इस बिल को लेकर सियासत होने लगी है। इस बिल को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि, नई संसद के पहले दिन ही सरकार ने ‘महाझूठ’ से पारी शुरू की है। उन्होंने कहा कि, जनगणना और परिसीमन के बिना महिला आरक्षण बिल लागू नहीं होगा। इस काम में कई साल लग जाएंगे। सरकार को महिलाओं से झूठ बोलने की क्या जरूरत थी। सपा प्रमुख ने आगे कहा कि, सरकार न जनगणना के पक्ष में है न जातिगत गणना के और इनके बिना तो महिला आरक्षण संभव ही नहीं है।
डिंपल यादव ने कहा कि, सरकार को 9 साल पूरे हो गए हैं। अगर इन्हें महिला आरक्षण बिल लाना था, तो ये पहले ला सकते थे। ये इसे आखिरी साल में ला रहे हैं, जब चुनाव हैं।