आओ तो वेलकम, नहीं तो भीड़ कम... बाबा बागेश्वर ने हिंदू एकता पद यात्रा में मुस्लिमों को आने का दिया निमंत्रण
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर की हिंदू एकता यात्रा बागेश्वर धाम सिद्ध पीठ से ओरछा के लिए शुरू हो गई है। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि, हम रामराजा ओरछा में दोपहर 2:00 बजे लाखों हिंदूओं के एक साथ जात-पात भेदभाव को मिटाने के लिए संकल्प ले लेंगे। इसके बाद में हम मथुरा को पाने के लिए भी जाएंगे।
मुस्लिमों को दिया पद यात्रा में आने का निमंत्रण
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, हम सभी मुसलमानों को पद यात्रा में आने का आमंत्रण देते हैं। बाबा ने कहा कि, मुस्लिम आएं तो वेलकम, नहीं आओ तो भीड़ कम। इसके अलावा उन्होंने आगे कहा कि, इस देश में जितने भी मुसलमान हैं। वह सब कन्वर्टेड मुसलमान हैं। असली मुसलमान तो अरब में हैं। अरब के मुसलमान तो स्वागत ही करते हैं जो यहां पर ईसाई हैं कन्वर्टेड ईसाई हैं। इसलिए उन लोगों को बढ़िया मौका है। 400-500 साल बाद उन्हें इतिहास जगाने के लिए यह महात्मा आ गया है। अब घर वापसी कर लो।
हिंदुओं को एक करके ही मानेंगेः बाब बागेश्वर
बाबा बागेश्वर ने अपने बयान में आगे कहा कि, भारत का हिंदू जाग रहा है। यह जागे हिंदुओं का उबाल है। दूसरा यह लहराते हुए भगवा ध्वज यह बता रहा है कि, हमारे इस देश में हिंदू एक है। शास्त्री ने आगे कहा कि, जात-पात से हिंदू ऊपर उठ रहा है और हर-हर में भारत को भव्य बनाकर हिंदुओं को एक करके ही हम मानेंगे। इसके अलावा उन्होंने इस दौरान यह भी कहा है कि, हिंदुओं और बेटियों पर अत्याचार किया जा रहा है। इसलिए धर्म विरोधी राज कर रहे धर्म विरोधी हिंदुओं को एक-एक करके मार रहे हैं।
इस देश में दो जातियां बना दीजिए - बाबा
इसके साथ ही जाति जनगणना पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी राय देते हुए कहा कि, इस देश में दो जातियां बना दीजिए। एक अमीर की और एक गरीब की। वर्तमान में अमीर और अमीर हो रहा है। गरीब और गरीब हो रहा है। कभी लोगों की तरफ देखो, विकास की तरफ देखो, गांव-गांव में अस्पताल नहीं है। स्वास्थ्य की सुविधा खराब है। शिक्षा नहीं है। बाबा ने आगे कहा कि, इस देश का युवा उपद्रव करने के लिए इसलिए रेडी है क्योंकि उसके पास रोजगार नहीं है। इस देश की युवा के हाथों में कलम पकड़े जाएं।
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