पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में अब केवल 72 घंटे शेष हैं। 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर होने वाले मतदान से पहले चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
चुनाव प्रचार के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकने के लिए आयोग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। आयोग ने साफ किया है कि किसी भी तरह की भ्रामक या गलत जानकारी पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
AI कंटेंट पर नई गाइडलाइन
आयोग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। AI आधारित कंटेंट पर रोक नहीं है, लेकिन उसमें AI का इस्तेमाल स्पष्ट रूप से बताना अनिवार्य होगा। नियम का उल्लंघन करने पर आईटी एक्ट और चुनावी कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
48 घंटे का ‘साइलेंस पीरियड’ लागू
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 के तहत मतदान से 48 घंटे पहले ‘साइलेंस पीरियड’ लागू रहेगा। इस दौरान टीवी, रेडियो, प्रिंट और सोशल मीडिया सहित किसी भी प्लेटफॉर्म पर चुनाव प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
शिकायतों के निपटारे में तेजी
15 मार्च को चुनाव की घोषणा के बाद से अब तक 3,23,099 शिकायतें दर्ज की गई हैं। चुनाव आयोग का दावा है कि इनमें से 96.01% मामलों का निपटारा 100 मिनट के भीतर कर दिया गया है।
भारी मात्रा में अवैध सामग्री जब्त
आयोग के अनुसार, अब तक 348 आग्नेयास्त्र, 558 कारतूस, 129 किलो बम बनाने की सामग्री और 1137 बम जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 23.51 करोड़ रुपये नकद और 85.26 करोड़ रुपये की अवैध शराब समेत कुल 435.98 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति बरामद की गई है।