नई दिल्ली: संभावित अल नीनो और कमजोर मानसून की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने खरीफ फसलों को लेकर विशेष तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और प्रभावित जिलों के लिए कंटीजेंसी प्लान तैयार किए जाएंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक फसलों और फसल पैटर्न में बदलाव पर भी काम किया जाएगा।
प्रभावित जिलों के लिए बनेगा कंटीजेंसी प्लान
दो दिवसीय राष्ट्रीय खरीफ सम्मेलन के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव से जिन जिलों पर असर पड़ने की संभावना है, वहां विशेष तैयारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि चिंता करने की नहीं बल्कि तैयारी करने की जरूरत है। सरकार वैकल्पिक फसलों की पहचान कर रही है और किसानों के लिए आवश्यक बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर काम कर रही है।
रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य
कृषि मंत्री ने भरोसा जताया कि मौसम संबंधी चुनौतियों के बावजूद देश 2025-26 फसल वर्ष में रिकॉर्ड 376.56 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन हासिल कर सकता है। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 18.8 मिलियन टन अधिक होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बेहतर समन्वय से कृषि क्षेत्र को मजबूत किया जाएगा।
धान की खेती से तिलहन और दलहन की ओर जोर
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक एम एल जाट ने फसल विविधीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत चावल उत्पादन का लक्ष्य पहले ही हासिल कर चुका है, इसलिए अब लगभग 15 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र को तिलहन और दलहन की खेती की ओर मोड़ने की जरूरत है। इससे देश इन फसलों में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल पर फोकस
एम एल जाट ने बताया कि देश के 100 से अधिक जिलों में जरूरत से ज्यादा उर्वरकों का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने जैविक और जैव-उर्वरकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता वाले बीजों से किसानों की उत्पादकता में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है।
नकली बीज और खाद बेचने वालों पर होगी कार्रवाई
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को समय पर बीज वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड कवरेज बढ़ाने और किसान आईडी जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नकली बीज, उर्वरक और कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कृषि सचिव अतिश चंद्र ने कहा कि टिकाऊ खेती और कृषि आत्मनिर्भरता सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं।