शिमला- हिमाचल प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
15 जुलाई तक जारी रहेगा बारिश का दौर
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) शिमला के अनुसार 10 से 15 जुलाई के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि शिमला, मंडी, सिरमौर, सोलन, कांगड़ा, कुल्लू और चंबा के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, जलभराव और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी चेतावनी
मौसम विभाग ने बताया कि किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। लोगों को खुले स्थानों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
सिरमौर में सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए सिरमौर जिला प्रशासन ने 10 जुलाई को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों, शिक्षण संस्थानों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि जिले में भूस्खलन, पेड़ गिरने और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
बीते 24 घंटे में कई इलाकों में अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। चंबा के जोत में सबसे अधिक 5 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। बिलासपुर के मलरांव, शिमला के सराहन और चंबा के चुवाड़ी में 4-4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं कुकुमसेरी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि भुंतर में अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने, मौसम अपडेट पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।