महाराष्ट्र : मराठवाड़ा क्षेत्र में आज सुबह उस समय हलचल मच गई जब हिंगोली जिले में 4.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। अचानक आए झटकों से लोग घबरा गए और घरों व इमारतों से बाहर निकल आए। इसका असर केवल हिंगोली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नांदेड़ और परभणी जिलों में भी कंपन महसूस किया गया। कई इलाकों में लोगों ने कुछ सेकंड तक धरती के हिलने की पुष्टि की, जिससे सुबह का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
केंद्र और समय की जानकारी
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, यह भूकंप सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर दर्ज किया गया। इसका केंद्र हिंगोली जिले की वसमत तालुका के शिरली गांव में जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तीव्रता का भूकंप आमतौर पर मध्यम श्रेणी में आता है, जो हल्के से मध्यम नुकसान का कारण बन सकता है। हालांकि, गहराई कम होने के कारण इसके झटके आसपास के जिलों में भी स्पष्ट रूप से महसूस किए गए।
घरों में दरारें, लेकिन कोई हताहत नहीं
भूकंप के प्रभाव से हिंगोली के पांगरा शिंदे गांव में कई घरों और सामुदायिक भवनों में दरारें पड़ गईं। कुछ जगहों पर दीवारों में हल्की से मध्यम क्षति देखी गई है, जिससे स्थानीय लोग चिंतित हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की खबर सामने नहीं आई है। प्रशासन ने इसे सीमित संरचनात्मक नुकसान बताया है और कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है। ग्रामीणों ने बताया कि झटके महसूस होते ही लोग तुरंत बाहर निकल आए, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना से बचाव हो सका।
प्रशासन अलर्ट, लोगों को दी गई सलाह
घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर टीमें प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई हैं, जो नुकसान का आकलन कर रही हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। टिन-शेड वाले घरों की छतों से भारी पत्थर हटाने और उन्हें बोल्ट से मजबूती से बांधने की सलाह दी गई है। साथ ही, किसी भी आफ्टरशॉक या असामान्य गतिविधि की स्थिति में तुरंत खुले स्थान पर जाने और हेल्पलाइन पर सूचना देने के निर्देश जारी किए गए हैं। नांदेड़ और परभणी में भी आपातकालीन टीमों को तैयार रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।