नई दिल्ली. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज एक साथ दो रूप दिखा रहा है। एक ओर जहां कुछ राज्यों में तेज गर्मी और लू का असर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कई क्षेत्रों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। यह स्थिति मौसम के असामान्य बदलाव की ओर संकेत करती है।
किन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग ने बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों सहित लगभग 15 राज्यों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और कहीं-कहीं बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। यह बारिश जहां कुछ हद तक गर्मी से राहत दे सकती है, वहीं अचानक आने वाले तूफान जनजीवन को प्रभावित भी कर सकते हैं।
राजधानी क्षेत्र में उमस और गर्मी का असर
राष्ट्रीय राजधानी में तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री के आसपास रह सकता है। आसमान में आंशिक बादल छाए रहने के बावजूद उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करती रहेगी। सुबह के समय हल्की हवाएं चलने की संभावना है, लेकिन इससे विशेष राहत मिलने की उम्मीद कम है।
उत्तर प्रदेश में लू का प्रकोप
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जिससे लू की स्थिति बन रही है। वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। यह स्थिति संकेत देती है कि आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक तीव्र हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने और दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
मध्य प्रदेश में मिश्रित मौसम का असर
मध्य प्रदेश में मौसम का स्वरूप मिश्रित बना हुआ है। पश्चिमी हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है, जबकि अन्य क्षेत्रों में लू का प्रभाव जारी रहेगा। रतलाम, छिंदवाड़ा, मंडला जैसे जिलों में लू की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। वहीं कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे मौसम में अस्थायी बदलाव देखने को मिलेगा।
मौसम परिवर्तन के पीछे के कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवात और उससे जुड़ी ट्रफ लाइन इस बदलाव के प्रमुख कारण हैं। यह प्रणाली पूर्वी उत्तर प्रदेश से दक्षिण छत्तीसगढ़ तक फैली हुई है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार के मौसमीय प्रभाव देखने को मिल रहे हैं।
सावधानी ही सुरक्षा का उपाय
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे गर्मी और लू से बचाव के लिए पर्याप्त पानी का सेवन करें, धूप में बाहर निकलने से बचें और हल्के कपड़े पहनें। वहीं आंधी-तूफान की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहने और खुले स्थानों से दूर रहने की भी सलाह दी गई है। बदलते मौसम के इस दौर में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।