नई दिल्ली: शनिवार को दिल्ली, राजस्थान और उत्तर भारत के कई इलाकों में लोगों के मोबाइल फोन अचानक तेज आवाज और वाइब्रेशन के साथ अलर्ट देने लगे। साइलेंट मोड पर रखे फोन भी अचानक चेतावनी संदेश के साथ बज उठे, जिससे लोग हैरान रह गए। दरअसल, यह अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ओर से जारी किया गया था, जिसका उद्देश्य लोगों को खराब मौसम से पहले सतर्क करना था।
क्यों आया मोबाइल पर यह अलर्ट?
मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के दौरान कई जिलों में तेज आंधी, बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताते हुए यह चेतावनी जारी की। अलर्ट में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम खराब होने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
90 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि कई स्थानों पर यह बढ़कर 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने का खतरा भी जताया गया है।
पहले भी जारी हुआ था ऐसा अलर्ट
इससे पहले 29 मई की शाम करीब साढ़े पांच बजे उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी इसी तरह का इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया था। उस समय मोबाइल फोन पर तेज बीप-बीप की आवाज सुनाई दी थी और स्क्रीन पर मौसम संबंधी चेतावनी दिखाई दी थी। उस अलर्ट में भी आंधी, बारिश और 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी।
क्या है सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम?
सरकार और दूरसंचार विभाग द्वारा आपदा या आपात स्थिति में लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाने के लिए सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। इसके जरिए किसी विशेष क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर एक साथ चेतावनी संदेश भेजा जाता है, ताकि लोग समय रहते सतर्क हो सकें।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। किसानों और यात्रियों को भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है।