नई दिल्ली- केंद्र सरकार ने प्राकृतिक गैस (नेचुरल गैस) की सप्लाई और आवंटन पर लागू इमरजेंसी कंट्रोल वापस लेने का बड़ा फैसला किया है। सरकार ने इसी वर्ष मार्च में विशेष प्रावधान लागू किए थे, जिनके तहत प्राकृतिक गैस के वितरण और आवंटन पर केंद्र का सीधा नियंत्रण था। अब गैस की उपलब्धता सामान्य होने के बाद इन विशेष प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया है।
मार्च में क्यों लागू किया गया था नियंत्रण?
मार्च 2026 में सरकार ने गैस की संभावित कमी को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की थी। इसके तहत केंद्र सरकार को यह अधिकार दिया गया था कि जरूरत पड़ने पर किस सेक्टर को कितनी प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराई जाएगी, इसका फैसला वही करेगी। इस कदम का उद्देश्य उर्वरक उद्योग, सीएनजी-पीएनजी सेवाओं, बिजली उत्पादन और अन्य आवश्यक क्षेत्रों में गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना था, ताकि आम लोगों और जरूरी सेवाओं पर संकट का असर न पड़े।
अब क्यों हटाया गया कंट्रोल?
सरकार का कहना है कि मौजूदा समय में देश में प्राकृतिक गैस की उपलब्धता पहले की तुलना में काफी बेहतर है। घरेलू उत्पादन, आयात और वितरण व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित हो रही है और फिलहाल किसी बड़े गैस संकट की आशंका नहीं है। इसी वजह से इमरजेंसी नियंत्रण बनाए रखने की आवश्यकता नहीं रही और इसे समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
अब सामान्य व्यवस्था के तहत होगी सप्लाई
सरकार के फैसले के बाद अब प्राकृतिक गैस का आवंटन और वितरण पहले की तरह सामान्य व्यवस्था के तहत होगा। गैस कंपनियां और संबंधित एजेंसियां नियमित नियमों के अनुसार सप्लाई करेंगी। इससे उद्योगों और उपभोक्ताओं के लिए वितरण प्रक्रिया पहले की तरह सामान्य हो जाएगी।
ईरान-अमेरिका तनाव बना था वजह
सरकार ने यह इमरजेंसी व्यवस्था उस समय लागू की थी जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई थी। इस संकट के चलते वैश्विक स्तर पर गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई थी। भारत ने एहतियात के तौर पर गैस आवंटन पर विशेष नियंत्रण लागू किया था।
समझौते के बाद सुधरी स्थिति
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया समझौते और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति में सुधार के बाद गैस उपलब्धता सामान्य हुई है। इसी के मद्देनज़र सरकार ने इमरजेंसी कंट्रोल हटाने का फैसला लिया है। हालांकि सरकार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी आवश्यक कदम उठा सकती है।