Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बारां, कोटा, झालावाड़ समेत दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं, कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं और खेतों में पानी भरने लगा है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 से 9 जुलाई के बीच राज्य के कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है, जिसके असर से अगले कई दिनों तक राजस्थान में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।
राजस्थान में क्यों बढ़ गया भारी बारिश का खतरा?
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) अब डिप्रेशन में बदल गया है। यही सिस्टम राजस्थान की ओर पर्याप्त नमी खींच रहा है, जिसके चलते पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मानसून काफी सक्रिय हो गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस सिस्टम के प्रभाव से अगले 5 से 6 दिनों तक कई जिलों में लगातार बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं।
IMD Alert: 6 से 9 जुलाई तक इन जिलों में अतिभारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 6 जुलाई से 9 जुलाई के बीच दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना जताई है। सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं ये जिले:
कोटा
बारां
झालावाड़
उदयपुर
जयपुर
भरतपुर
अजमेर
बीकानेर और आसपास के क्षेत्र
इन जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश, जलभराव, नदी-नालों में उफान और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
बारां में 40 मिनट की बारिश, उफान पर आईं नदियां, कई रास्ते बंद
बारां जिले के देवरी कस्बे में दोपहर बाद करीब 40 मिनट तक मूसलाधार बारिश हुई। बारिश के बाद जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं डांग क्षेत्र में हालात बिगड़ गए। अधिक बारिश के कारण चमरउ और पलको नदी उफान पर आ गईं। पुलिया के ऊपर करीब तीन फीट पानी बहने लगा, जिससे कई घंटों तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदी और पुल-पुलियों को पार न करने की अपील की है।
कोटा में पूरे दिन छाए रहे बादल, बारिश के बाद भी नहीं मिली उमस से राहत
कोटा शहर में रविवार भर बादल छाए रहे और सुबह से शाम तक अलग-अलग इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। हालांकि तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने से उमस बनी रही। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तेज बारिश और मेघगर्जन की संभावना जताई है।
ग्रामीण इलाकों में बारिश बनी किसानों के लिए राहत
कोटा जिले के कई ग्रामीण इलाकों में हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है।
जगपुरा में करीब 30 मिनट तक बारिश हुई।
अरण्डखेड़ा में तेज बारिश से खेतों में नमी बढ़ी।
गलाना और भगवानपुरा में सूख रही सोयाबीन की फसलों को नया जीवन मिला।
कैथून के भांडाहेड़ा में तेज बारिश से सड़कों पर पानी भर गया।
कई किसान, जो अब तक बारिश का इंतजार कर रहे थे, अब खरीफ फसलों की बुवाई शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।
झालावाड़ में सामान्य से कम बारिश, खेती पर संकट बरकरार
झालावाड़ जिले के पचपहाड़, झालरापाटन, मनोहरथाना और अन्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। हालांकि जिले में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण खेती प्रभावित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों की अच्छी बारिश किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।
आकाशीय बिजली बनी जानलेवा, तीन किसानों की दर्दनाक मौत
बारिश के बीच बारां जिले से दुखद खबर भी सामने आई। आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान-
सौरभ सहरिया (26) – हथवारी गांव, खेत में काम के दौरान बिजली गिरने से मौत।
दिनेश भील (22) – कचनारिया कलां, दादी के साथ खेत में काम करते समय बिजली की चपेट में आए।
कमल सिंह मीणा (40) – मोतीपुरा निवासी, आकाशीय बिजली गिरने से जान गई।
दिनेश की दादी भी बिजली की चपेट में आईं, हालांकि उनकी जान बच गई।
किसानों के लिए राहत भी, चुनौती भी
लगातार बारिश से जहां खेतों में नमी बढ़ी है और खरीफ फसलों की बुवाई की उम्मीद जगी है, वहीं अत्यधिक बारिश होने पर जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है।
विशेषज्ञ किसानों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने और सुरक्षित समय पर ही खेतों में काम करने की सलाह दे रहे हैं।
अगले 4 दिन क्या करें?
मौसम विभाग और प्रशासन की सलाह के अनुसार-
नदी, नाले और पुल-पुलियों को पार करने से बचें।
बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे न रहें।
खेतों में काम करते समय मौसम की जानकारी लेते रहें।
भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।
राजस्थान मौसम का सार (Quick Update)
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| अलर्ट अवधि | 6 से 9 जुलाई |
| चेतावनी | भारी से अतिभारी बारिश |
| सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र | कोटा, बारां, झालावाड़, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर |
| प्रमुख असर | नदियां उफान पर, जलभराव, सड़कें बंद |
| जनहानि | बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत |
| किसानों पर असर | बुवाई के लिए राहत, लेकिन जलभराव का भी खतरा |