Indore Property Tax News: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में अब प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। नगर निगम ने बकायेदारों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। खास बात यह है कि कार्रवाई सिर्फ टैक्स नहीं भरने वालों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन संपत्ति मालिकों पर भी होगी जिन्होंने अब तक संपत्तिकर खाता (Property Tax Account) तक नहीं खुलवाया है। नगर निगम ने साफ संकेत दिए हैं कि पहले ऐसे प्लॉट और मकानों की पहचान की जाएगी, फिर खाते खोले जाएंगे, नोटिस जारी होंगे और तय समय में टैक्स जमा नहीं करने पर संबंधित संपत्तियों पर ताले लगाने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
इंदौर में क्यों शुरू हुआ यह विशेष अभियान?
नगर निगम के राजस्व विभाग के अनुसार शहर में बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियां हैं, जो वर्षों से टैक्स के दायरे में नहीं आई हैं। कई मकान और प्लॉट मालिकों ने अब तक निगम में अपना संपत्तिकर खाता तक नहीं खुलवाया है, जिससे निगम को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसी नुकसान की भरपाई और टैक्स व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब व्यापक सर्वे और वसूली अभियान शुरू किया जा रहा है।
शहरभर में चलेगा सर्वे, 22 जोन और 85 वार्डों में उतरेगी टीम
नगर निगम ने इस अभियान के लिए पूरे शहर में विशेष टीमों को जिम्मेदारी देने का फैसला किया है।
अभियान में कौन करेगा कार्रवाई?
22 जोन के सहायक राजस्व अधिकारी (ARO)
85 वार्डों के बिल कलेक्टर
राजस्व विभाग की फील्ड टीमें
ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर ऐसी संपत्तियों की पहचान करेंगी जिनका रिकॉर्ड निगम के पास नहीं है या जहां टैक्स का भुगतान नहीं किया जा रहा।
कार्रवाई कैसे होगी? जानिए पूरा प्लान
नगर निगम इस अभियान को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा।
पहला चरण
बिना संपत्तिकर खाते वाली संपत्तियों की पहचान।
संबंधित मालिकों के नाम से प्रॉपर्टी टैक्स खाते खोले जाएंगे।
दूसरा चरण
संपत्ति मालिकों को नोटिस देकर निर्धारित समय में टैक्स जमा करने का मौका दिया जाएगा।
तीसरा चरण
समय सीमा के भीतर टैक्स जमा नहीं करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू होगी।
जरूरत पड़ने पर संबंधित संपत्तियों पर ताले लगाए जाएंगे और बकाया टैक्स की वसूली की जाएगी।
7.5 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स खाते, फिर भी हजारों संपत्तियां रिकॉर्ड से बाहर
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार इंदौर में 7.50 लाख से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स खाते दर्ज हैं। इसके बावजूद शहर में बड़ी संख्या में ऐसे प्लॉट और मकान हैं, जिनका आज तक निगम में पंजीकरण नहीं हुआ। ऐसे मामलों की पहचान के लिए अब अलग से अभियान चलाया जाएगा।
कम टैक्स भरने वालों पर भी होगी कार्रवाई
नगर निगम सिर्फ बिना टैक्स वाले मामलों पर ही नहीं, बल्कि गलत टैक्स जमा करने वालों पर भी नजर रखेगा।
विशेष रूप से इन मामलों की जांच होगी-
रिहायशी संपत्ति का व्यावसायिक उपयोग।
औद्योगिक उपयोग होने के बावजूद कम टैक्स जमा करना।
वास्तविक क्षेत्रफल से कम क्षेत्र दिखाकर टैक्स भरना।
रिकॉर्ड में गलत जानकारी देकर टैक्स बचाने की कोशिश।
ऐसे मामलों में रिकॉर्ड संशोधित कर नया टैक्स निर्धारण किया जाएगा और बकाया राशि वसूली जाएगी।
क्या बोले राजस्व विभाग के प्रभारी?
राजस्व विभाग के प्रभारी निरंजन सिंह चौहान के अनुसार अभियान पूरी तरह चरणबद्ध होगा। उन्होंने बताया कि पहले बिना खाते वाली संपत्तियों की पहचान की जाएगी, फिर उन्हें निगम के रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा। इसके बाद टैक्स जमा करने के लिए समय दिया जाएगा। यदि इसके बाद भी टैक्स जमा नहीं किया गया तो नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निगमायुक्त के निर्देश के बाद शुरू होगी कार्रवाई
राजस्व विभाग के अनुसार निगमायुक्त क्षितिज सिंघल और अपर आयुक्त आकाश सिंह के साथ बैठक के बाद सभी ARO और बिल कलेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद फील्ड टीम घर-घर और प्लॉट-प्लॉट जाकर रिकॉर्ड तैयार करेगी और टैक्स वसूली अभियान तेज किया जाएगा।
किन संपत्ति मालिकों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?
इन लोगों पर सबसे पहले कार्रवाई हो सकती है-
जिन्होंने अब तक प्रॉपर्टी टैक्स खाता नहीं खुलवाया।
लंबे समय से टैक्स जमा नहीं किया।
रिहायशी संपत्ति का व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं।
गलत क्षेत्रफल दिखाकर कम टैक्स भर रहे हैं।
नोटिस मिलने के बाद भी टैक्स जमा नहीं करेंगे।
प्रॉपर्टी मालिक क्या करें?
यदि आपकी संपत्ति का रिकॉर्ड नगर निगम में अपडेट नहीं है या टैक्स बकाया है, तो समय रहते संबंधित जोन कार्यालय से संपर्क कर रिकॉर्ड अपडेट कराएं और बकाया टैक्स जमा करें। इससे भविष्य में दंडात्मक कार्रवाई, सीलिंग या संपत्ति पर ताला लगाने जैसी स्थिति से बचा जा सकता है।
Quick Facts
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| शहर | इंदौर |
| अभियान | प्रॉपर्टी टैक्स वसूली |
| कार्रवाई | बिना खाते वाली संपत्तियों की पहचान |
| सर्वे टीम | 22 ARO, 85 वार्डों के बिल कलेक्टर |
| रिकॉर्ड | 7.50 लाख से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स खाते |
| सख्त कदम | नोटिस के बाद टैक्स न भरने पर संपत्ति सील/ताला |