कतर से एलपीजी लेकर रवाना हुआ भारतीय जहाज नंदा देवी मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करते हुए गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंचने वाला है। इससे पहले सोमवार को शिवालिक लगभग 45-46 हजार टन एलपीजी लेकर मुंद्रा बंदरगाह पहुंच चुका है।
ईंधन सप्लाई को लेकर राहत
दोनों जहाजों के सुरक्षित भारत पहुंचने से संवेदनशील समुद्री मार्ग से ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं के बीच राहत की उम्मीद बढ़ी है।
कुल 92,700 मीट्रिक टन LPG की सप्लाई
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, ये दोनों जहाज मिलकर करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी भारत ला रहे हैं। ये जहाज शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के स्वामित्व में हैं।
भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित
अधिकारियों ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में कार्यरत सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है।
22 भारतीय जहाज, 611 नाविक तैनात
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फारस की खाड़ी क्षेत्र में 22 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर कुल 611 नाविक सवार हैं।
कच्चा तेल लेकर भी आ रहा जहाज
संयुक्त अरब अमीरात से लगभग 81,000 टन कच्चा तेल लेकर जग लाडकी नाम का जहाज भी मुंद्रा बंदरगाह की ओर रवाना हो चुका है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस का करीब 20% परिवहन होता है। क्षेत्र में जारी तनाव के चलते यहां जहाजों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सरकार की सतर्क निगरानी
सरकार ने बताया कि देश के सभी प्रमुख बंदरगाह जहाजों की आवाजाही और माल ढुलाई पर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही शिपिंग कंपनियों को किराया, भंडारण और लंगरगाह शुल्क में राहत जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
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