नई दिल्ली.भारतीय रेलवे ने वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना को आरक्षित टिकटों की काउंटर बुकिंग तक विस्तार दे दिया है। रेल मंत्रालय के अनुसार 27 अक्टूबर से यात्री रेलवे आरक्षण काउंटर से आरक्षित टिकट बुक करते समय महज 45 पैसे प्रति व्यक्ति का भुगतान कर यात्रा बीमा का विकल्प चुन सकेंगे। इस बीमा में कर शामिल हैं और कवर की राशि 10 लाख रुपये तक हो सकती है। इससे पहले यह सुविधा केवल आईआरसीटीसी वेबसाइट और मोबाइल ऐप से ई-टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध थी। अब ऑफलाइन बुकिंग करने वाले यात्री भी इस सुरक्षा कवच का लाभ उठा सकेंगे।
पहले केवल डिजिटल बुकिंग तक सीमित थी सुविधा
अब तक वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना केवल उन यात्रियों के लिए उपलब्ध थी जो भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन यानी आईआरसीटीसी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-टिकट बुक करते थे। काउंटर से टिकट लेने वाले यात्री इस सुविधा से वंचित रह जाते थे। रेलवे ने अब पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम यानी पीआरएस काउंटर से बुक किए गए आरक्षित टिकटों को भी इसी बीमा ढांचे के अंतर्गत ला दिया है। इससे लाखों ऑफलाइन यात्रियों को समान सुरक्षा मिलेगी। यह कदम यात्री सुविधाओं को व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
बीमा कवर और प्रीमियम की जानकारी
यात्री केवल 45 पैसे प्रति व्यक्ति का भुगतान करके 10 लाख रुपये तक का यात्रा बीमा कवर प्राप्त कर सकेंगे। यह राशि कर सहित है। बीमा वैकल्पिक है इसलिए यात्री अपनी सुविधा के अनुसार इसे चुन सकते हैं या छोड़ सकते हैं। योजना का उद्देश्य यात्रा के दौरान दुर्घटना या अन्य जोखिमों से यात्रियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। काउंटर पर टिकट बुक करते समय स्टाफ यात्रियों को इस विकल्प की जानकारी देंगे। डिजिटल भुगतान अनिवार्य होने से प्रक्रिया पारदर्शी और सरल रहेगी।
डिजिटल भुगतान की अनिवार्यता
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इस बीमा सुविधा का लाभ लेने के लिए डिजिटल भुगतान अनिवार्य होगा। नकद भुगतान के माध्यम से बीमा प्रीमियम स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह व्यवस्था वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने और लेनदेन को सुगम बनाने के लिए की गई है। यात्री यूपीआई, कार्ड या अन्य डिजिटल माध्यमों से 45 पैसे का भुगतान कर सकेंगे। डिजिटल भुगतान से रिकॉर्ड भी सही तरीके से बनाए रखे जा सकेंगे। इससे पूरे सिस्टम में एकरूपता बनी रहेगी।
यात्रियों को मिलने वाले लाभ
इस विस्तार से उन यात्रियों को विशेष लाभ होगा जो अभी भी काउंटर से टिकट बुक करना पसंद करते हैं। ग्रामीण और छोटे शहरों के यात्री जो डिजिटल प्लेटफॉर्म से कम परिचित हैं वे भी अब बीमा सुरक्षा प्राप्त कर सकेंगे। यात्रा के दौरान किसी अप्रिय घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता मिलने से परिवारों को राहत मिलेगी। रेलवे का यह कदम यात्री सुरक्षा और सुविधा दोनों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। अधिक से अधिक यात्रियों तक सुरक्षा पहुंचाने का लक्ष्य है।
रेलवे की यात्री केंद्रित पहल
भारतीय रेलवे लगातार यात्री सुविधाओं में सुधार के प्रयास कर रहा है। काउंटर टिकटों पर बीमा सुविधा का विस्तार इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। इससे डिजिटल और ऑफलाइन दोनों तरह के यात्रियों को समान सुविधाएं मिलेंगी। रेलवे ने यात्री हितों को ध्यान में रखते हुए योजना को व्यापक बनाया है। भविष्य में और सुविधाओं को जोड़ने की संभावनाएं भी बनी हुई हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे टिकट बुकिंग के समय बीमा विकल्प के बारे में जानकारी अवश्य लें।