कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सुवेंदु अधिकारी सरकार ने कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के भीतर स्थित ऐतिहासिक मस्जिद को स्थानांतरित करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। एयरपोर्ट विस्तार और विमानन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस प्रस्ताव पर गंभीरता से काम कर रहा है।
रनवे विस्तार में आ रही थी परेशानी
करीब 130 साल पुरानी मानी जा रही यह मस्जिद एयरपोर्ट के सेकेंडरी रनवे से लगभग 165 मीटर की दूरी पर स्थित है। विमानन अधिकारियों का कहना है कि इसकी वजह से रनवे विस्तार की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं और कई तकनीकी परियोजनाओं में देरी हो रही है।
घने कोहरे में लैंडिंग सिस्टम लगाने में दिक्कत
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, सर्दियों में घने कोहरे के दौरान विमानों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए आधुनिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) लगाने की जरूरत है। लेकिन मस्जिद की मौजूदा स्थिति के कारण इस परियोजना को पूरी तरह लागू करने में कठिनाई आ रही है।
सुरक्षा मानकों के लिए रनवे पॉइंट बदला गया
सूत्रों के मुताबिक, DGCA और ICAO के सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए पहले रनवे के टचडाउन पॉइंट को 88 मीटर दक्षिण की ओर शिफ्ट करना पड़ा था। अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में एयरपोर्ट विस्तार के लिए और बदलाव जरूरी होंगे।
दशकों से संवेदनशील बना हुआ है मामला
यह मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील रहा है। बताया जाता है कि 1950 और 1960 के दशक में एयरपोर्ट विस्तार के दौरान आसपास के गांवों को हटाया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों को यह भरोसा दिया गया था कि मस्जिद को नहीं छेड़ा जाएगा।
पहले भी टल चुके हैं फैसले
जानकारी के अनुसार, वर्ष 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने मस्जिद को शिफ्ट करने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी। बाद में एयरपोर्ट विस्तार की योजना को दूसरी दिशा में मोड़ना पड़ा, जिससे अतिरिक्त खर्च और सड़क डायवर्जन जैसी समस्याएं सामने आईं।
CISF सुरक्षा घेरे में आती है मस्जिद
फिलहाल यह मस्जिद एयरपोर्ट के हाई-सिक्योरिटी एयरसाइड जोन के अंदर स्थित है। यहां आने वाले नमाजियों को CISF सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ता है और उन्हें विशेष शटल सेवा के जरिए मस्जिद तक पहुंचाया जाता है।
नई मस्जिद बनाने का प्रस्ताव
सूत्रों का कहना है कि एयरपोर्ट प्रशासन ने एयरपोर्ट परिसर के बाहर एक बड़ी और आधुनिक मस्जिद बनाने का प्रस्ताव दिया है। इस मुद्दे पर मस्जिद कमेटी और मुस्लिम संगठनों के साथ बातचीत भी जारी है।
विकास और धार्मिक आस्था के बीच संतुलन की कोशिश
अधिकारियों का कहना है कि सरकार की कोशिश है कि एयरपोर्ट विकास, यात्रियों की सुरक्षा और धार्मिक भावनाओं—तीनों के बीच संतुलन बनाया जाए। आने वाले दिनों में इस मामले पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।