केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में देश के बुनियादी ढांचे, जल आपूर्ति और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 8.8 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है, जिससे विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम निर्णय
केंद्र सरकार की हालिया कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट में कुल छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई और उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से देश में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।
जल जीवन मिशन 2.0 को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने जल जीवन मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही इस योजना को पुनर्गठित करते हुए इसे जल जीवन मिशन 2.0 के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की कुल लागत बढ़ाकर लगभग 8.69 लाख करोड़ रुपये करने की मंजूरी भी दे दी है। माना जा रहा है कि इससे देश के लाखों ग्रामीण परिवारों को स्थायी पेयजल सुविधा मिल सकेगी।
मदुरै एयरपोर्ट को मिला अंतरराष्ट्रीय दर्जा
कैबिनेट ने तमिलनाडु के मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा देने का फैसला किया है। इस निर्णय से दक्षिण भारत के इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधा बढ़ेगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रेलवे नेटवर्क विस्तार को हरी झंडी
रेलवे अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने दो महत्वपूर्ण मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें संतरागाछी से खड़गपुर और सैंथिया से पाकुड़ के बीच चौथी रेल लाइन का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत लगभग 4474 करोड़ रुपये है और इन्हें वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेल नेटवर्क की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
हजारों गांवों को मिलेगा सीधा फायदा
इन रेलवे परियोजनाओं से लगभग 192 किलोमीटर रेल नेटवर्क का विस्तार होगा। इससे करीब 5652 गांवों और लगभग 1.47 करोड़ लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिल सकेगी। बेहतर परिवहन व्यवस्था से क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
हाईवे और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी पर विशेष जोर
कैबिनेट ने मध्य प्रदेश में बदनावर-थांदला-टिमरवानी हाईवे को चार लेन में विकसित करने की परियोजना को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को फरीदाबाद की ओर से जोड़ने के लिए बेहतर सड़क कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना भी शामिल है। इन परियोजनाओं के माध्यम से उत्तर भारत में परिवहन व्यवस्था और आर्थिक विकास को और मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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