देश दुनिया में अंतरिक्ष अन्वेषण की दौड़ जारी है और ऐसे में अमेरिका ने एक बार फिर अपने सबसे बड़े चंद्र अभियान की नई समय-सीमा तय कर दी है। NASA ने पुष्टि की है कि 6 मार्च 2026 को उसका अगला मानवयुक्त चंद्र मिशन लॉन्च होगा। यह निर्णय हाल ही में हुई सफल वेट ड्रेस रिहर्सल और पहले सामने आए फ्यूल लीकेज की समस्या के समाधान के बाद लिया गया है।
वेट ड्रेस रिहर्सल क्या होती है?
वेट ड्रेस रिहर्सल असल लॉन्च से पहले की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसमें रॉकेट को उसी तरह तैयार किया जाता है जैसे वास्तविक उड़ान से पहले किया जाता है। लॉन्च पैड पर रॉकेट को खड़ा करके काउंटडाउन प्रक्रिया चलाई जाती है और उसमें बेहद ठंडा तरल ईंधन भरा जाता है। इसी दौरान इंजीनियरों को पहली रिहर्सल में हाइड्रोजन गैस का रिसाव मिला था। सुरक्षा कारणों से परीक्षण रोककर विस्तृत तकनीकी जाँच की गई और अब यह समस्या पूरी तरह दूर की जा चुकी है।
NASA ने क्या कहा?
एजेंसी के अनुसार हाल ही में किए गए पुनः परीक्षण में किसी तरह के रिसाव का कोई संकेत नहीं मिला। सभी सिस्टम सुचारू रूप से चले और पहले की तकनीकी कमियों को दूर कर लिया गया। अब लॉन्च से पहले मिशन की संपूर्ण समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद उड़ान की अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
किस रॉकेट से जाएगा यह मिशन?
इस मानव मिशन में Space Launch System (SLS) रॉकेट का उपयोग किया जाएगा, जो अब तक का NASA का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है। यह रॉकेट अंतरिक्ष यात्रियों को Orion स्पेसक्राफ्ट के माध्यम से चांद की कक्षा तक पहुंचाएगा। यह मिशन चांद पर भविष्य में स्थायी मानव उपस्थिति स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।
आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
लॉन्च से पहले “फ्लाइट रेडीनेस रिव्यू” यानी FRR होगी, जिसमें मिशन के मैनेजर, इंजीनियर और सुरक्षा विशेषज्ञ भाग लेंगे। वेट ड्रेस रिहर्सल और अन्य तकनीकी परीक्षणों के सभी डेटा का विश्लेषण किया जाएगा। जब तक हर सिस्टम को पूर्ण रूप से मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक लॉन्च की हरी झंडी नहीं दी जाएगी।
अंतरिक्ष यात्रियों का सॉफ्ट क्वारंटीन
मिशन से पहले चारों अंतरिक्ष यात्रियों को सॉफ्ट क्वारंटीन में भेजा जाएगा। इस दौरान बाहरी लोगों से उनका संपर्क सीमित किया जाएगा और उनकी सेहत की बारीकी से निगरानी की जाएगी। यह प्रक्रिया संक्रमण से पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी मानी जाती है।
क्यों खास है यह मिशन?
यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो 6 मार्च 2026 को होने वाला यह मिशन अमेरिका की गहरे अंतरिक्ष में बड़ी वापसी माना जाएगा। यह चांद पर दोबारा मानव भेजने के कार्यक्रम को न केवल नई गति देगा बल्कि भविष्य में चंद्र सतह पर स्थायी ठिकाने बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। NASA की लंबी अवधि की चंद्र अन्वेषण रणनीति में यह मिशन एक केंद्रीय पड़ाव है, जो इंसानों को चांद से आगे मंगल तक ले जाने की तैयारी का हिस्सा है।
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