यूआईडीएआई ने नया आधार ऐप जारी कर नागरिकों को एक उन्नत डिजिटल पहचान वॉलेट प्रदान किया है। यह ऐप पुराने एम-आधार का बेहतर और अधिक सुरक्षित संस्करण है, जिसे विशेष रूप से डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। ऐप को भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून के सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किया गया है, जिससे उपयोगकर्ता का निजी डेटा पूरी तरह संरक्षित रह सके और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी हो सके।
एक ही मोबाइल में पूरे परिवार का आधार प्रबंधन
इस ऐप की सबसे महत्वपूर्ण सुविधाओं में से एक यह है कि अब एक ही स्मार्टफोन पर परिवार के पाँच सदस्यों तक के आधार प्रोफाइल जोड़े और संचालित किए जा सकते हैं। पहले हर सदस्य को अपने-अपने फोन में ऐप स्थापित करना पड़ता था, पर अब बच्चों और बुजुर्गों के आधार को भी आसानी से संभाला जा सकेगा। इससे परिवार के लिए पहचान प्रबंधन पहले से कहीं सरल हो गया है।
घर बैठे मोबाइल नंबर और पता अपडेट करने की सुविधा
नए ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से मोबाइल नंबर और पता अपडेट करना अत्यंत आसान बना दिया गया है। उपयोगकर्ता अब बिना किसी आधार केंद्र जाए अपने पते या मोबाइल नंबर में बदलाव कर सकते हैं। इसके लिए केवल लगभग 75 रुपये का नाममात्र शुल्क निर्धारित किया गया है। यह सुविधा उन लोगों के लिए विशेष रूप से राहत प्रदान करती है, जिन्हें लंबी कतारों और समय की कमी के कारण परेशानी उठानी पड़ती थी।
सेलेक्टिव डेटा शेयरिंग से बढ़ी सुरक्षा और गोपनीयता
नए आधार ऐप में दी गई सेलेक्टिव डेटा शेयरिंग तकनीक उपयोगकर्ताओं को केवल आवश्यक जानकारी साझा करने की सुविधा देती है। अब किसी को पूरा 12 अंकों का आधार नंबर बताने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उपयोगकर्ता केवल फोटो, आयु या किसी विशेष जानकारी को साझा कर सकते हैं, जबकि बाकी विवरण सुरक्षित और छिपे रहेंगे। इससे डेटा दुरुपयोग और धोखाधड़ी की संभावनाएं काफी कम हो जाती हैं।
ऑफलाइन क्यूआर कोड से बिना इंटरनेट पहचान सत्यापन
यह ऐप ऑफलाइन मोड में भी प्रभावी रूप से काम करता है। इसमें सुरक्षित क्यूआर कोड की सुविधा मौजूद है, जिसे बिना इंटरनेट के भी स्कैन किया जा सकता है। किसी संस्था को यदि उपयोगकर्ता की पहचान सत्यापित करनी हो, तो वे केवल क्यूआर कोड स्कैन करेंगे और इस प्रक्रिया में आधार नंबर साझा नहीं होगा। यह सुविधा दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
बायोमेट्रिक लॉक से पूरी तरह सुरक्षित पहचान नियंत्रण
सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए वन-क्लिक बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक का विकल्प दिया गया है। उपयोगकर्ता अपने फिंगरप्रिंट और आईरिस डेटा को किसी भी समय लॉक कर सकते हैं। इससे अनधिकृत उपयोग की संभावनाएँ लगभग समाप्त हो जाती हैं और उपयोगकर्ता अपने बायोमेट्रिक डेटा पर पूर्ण नियंत्रण रख सकते हैं।
फोटोकॉपी की जरूरत खत्म, समय और धन दोनों की बचत
नए आधार ऐप के साथ होटल, हवाईअड्डा या अन्य स्थानों पर आधार की फोटोकॉपी जमा कराने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। पहचान डिजिटल रूप से साझा की जा सकती है और मास्क्ड आधार तथा वर्चुअल आईडी जैसी सुविधाएँ डेटा लीक के जोखिम को कम करती हैं। मोबाइल नंबर लिंक कराने या पता बदलने जैसी प्रक्रियाएँ भी अब कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती हैं।
ऐप को उपयोग में लाने की प्रक्रिया सरल और सहज
यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध है। लॉग-इन के लिए आधार से जुड़े मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाता है। इसके बाद उपयोगकर्ता अपना एमपिन सेट कर सकते हैं और फेस लॉक या बायोमेट्रिक लॉक जैसी सुरक्षा सुविधाएँ सक्रिय कर सकते हैं। ‘माय आधार’ अनुभाग में उपयोगकर्ता अपना तथा परिवार के अन्य सदस्यों का प्रोफाइल आसानी से जोड़ सकते हैं।
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