देश के कई हिस्सों में बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। विशेष रूप से उत्तर भारत के क्षेत्रों में गर्मी ने अचानक तीखा रूप ले लिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और चंडीगढ़ में तापमान सामान्य से लगभग पाँच डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति आने वाले दिनों में और अधिक गंभीर हो सकती है।
कई राज्यों में लू जैसी स्थिति
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान, पंजाब, पूर्वी तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भी अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। इसके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों, कोंकण-गोवा, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी गर्मी का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। तापमान में इस असामान्य वृद्धि ने लोगों के दैनिक जीवन और स्वास्थ्य पर असर डालना शुरू कर दिया है।
गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ में भीषण लू
गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों में स्थिति और अधिक गंभीर बनी हुई है, जहां कई स्थानों पर लू से लेकर भीषण लू तक की स्थिति दर्ज की गई। अहमदाबाद और गांधीनगर जैसे प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से क्रमशः लगभग 7.2 डिग्री और 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि इन क्षेत्रों में आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी का यही प्रकोप जारी रह सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विज्ञान विभाग ने अपने मासिक पूर्वानुमान में पहले ही संकेत दिया था कि मार्च से मई के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक लू चलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और बदलते मौसम चक्र के कारण गर्मी की तीव्रता और अवधि दोनों बढ़ती जा रही हैं। इसी कारण इस वर्ष भीषण गर्मी का दौर पहले ही शुरू हो गया है।
अगले कुछ दिनों तक राहत के आसार कम
मौसम विभाग के अनुसार सौराष्ट्र और कच्छ के कई क्षेत्रों में 12 मार्च को भी लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रह सकती है। इसके अलावा गुजरात के अन्य कुछ हिस्सों में 12 और 13 मार्च के दौरान भी गर्म हवाओं का प्रभाव जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले सप्ताहों में उत्तर और पश्चिम भारत के कई क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव और अधिक तेज हो सकता है।
स्वास्थ्य और जीवनशैली पर असर
तेज गर्मी और लू का प्रभाव केवल मौसम तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह लोगों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर भी गंभीर असर डालता है। अत्यधिक तापमान के कारण निर्जलीकरण, थकान और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में विशेषज्ञों ने लोगों को दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और शरीर को ठंडा रखने की सलाह दी है।
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