संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को संसद भवन परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। NDA और इंडिया ब्लॉक के सांसद अलग-अलग मुद्दों को लेकर आमने-सामने नजर आए।भाजपा समेत NDA के सहयोगी दलों के सांसदों ने संसद के मकर द्वार के सामने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया। NDA सांसदों ने 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी द्वारा किए गए धरने का विरोध जताया।
वहीं दूसरी ओर इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद परिसर में नारेबाजी की। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए।
लोकसभा में पेपर लीक मुद्दे पर हंगामा
गुरुवार सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। हंगामा बढ़ने के बाद लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के करीब एक मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।विपक्षी सांसद पेपर लीक मामले पर तत्काल चर्चा की मांग कर रहे थे और सरकार से जवाब मांग रहे थे।
सरकार और विपक्ष के बीच जारी है टकराव
इससे पहले बुधवार को संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में कहा था कि सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक रूप दे रहा है।किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी कदम उठा रही है।
खड़गे ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई
वहीं राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेपर लीक मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा तभी होगी, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा देंगे।
पेपर लीक मामला बना संसद में बड़ा मुद्दा
NEET पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं का मुद्दा मानसून सत्र में लगातार हावी है। संसद के बाहर प्रदर्शन और सदन के अंदर हंगामे के बीच पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।