नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक के डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करते हुए साइबर आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों से नहीं लड़े जाते। किसी देश की अर्थव्यवस्था पर हमला करके भी उसे कमजोर किया जा सकता है। भारत जैसे आर्थिक रूप से मजबूत होते देश के लिए बैंकिंग सिस्टम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के विस्तार के साथ साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल खतरों को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
आरबीआई डेटा सेंटर और प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने भुवनेश्वर में आरबीआई डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि साइबर आतंकवादियों और उभरती चुनौतियों से भारत की बैंकिंग प्रणाली तथा डिजिटल अवसंरचना की रक्षा करना आवश्यक है। संस्थान का उद्देश्य साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में क्षमता निर्माण करना और विशेषज्ञ तैयार करना है। डेटा सेंटर वित्तीय डेटा की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह कदम डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया है।
अर्थव्यवस्था पर हमले का खतरा
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आधुनिक युद्ध में अर्थव्यवस्था को निशाना बनाना एक नई रणनीति बन गई है। साइबर हमलों के जरिए बैंकिंग सिस्टम को बाधित करके किसी देश की आर्थिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। भारत की डिजिटल पेमेंट व्यवस्था तेजी से बढ़ रही है इसलिए इसे सुरक्षित रखना प्राथमिकता है। साइबर आतंकवादी इन कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। सरकार और संबंधित संस्थानों को इन खतरों के खिलाफ निरंतर सतर्क रहना होगा। सुरक्षा व्यवस्था को समय के साथ अपडेट करते रहना जरूरी है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर बल
भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को मजबूत करने पर प्रधानमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे देश आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है वैसे-वैसे साइबर खतरों से बचाव की जरूरत भी बढ़ रही है। बैंकिंग सिस्टम पर किसी भी तरह के हमले का असर आम नागरिकों की बचत और लेनदेन पर पड़ सकता है। इसलिए साइबर सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग माना जाना चाहिए। प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से विशेषज्ञ तैयार करके इन चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकेगा।
साइबर धोखाधड़ी और बढ़ती चिंताएं
डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के विस्तार के साथ साइबर धोखाधड़ी की घटनाएं भी बढ़ी हैं। प्रधानमंत्री ने इन चिंताओं का जिक्र करते हुए कहा कि आम नागरिकों को भी जागरूक बनाने की जरूरत है। सरकार तकनीकी उपायों के साथ-साथ जागरूकता अभियान चला रही है। आरबीआई जैसे संस्थान डेटा सुरक्षा और साइबर रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नए संस्थान से प्रशिक्षण और अनुसंधान दोनों को बढ़ावा मिलेगा। इससे पूरे वित्तीय क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत होगी।
भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर निवेश और नवाचार की जरूरत है। उभरती तकनीकों और नए तरह के खतरों के लिए पहले से तैयार रहना होगा। आरबीआई डेटा सेंटर और प्रशिक्षण संस्थान इसी तैयारी का हिस्सा हैं। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखते हुए आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। सभी हितधारकों को मिलकर काम करने की जरूरत है ताकि साइबर आतंकवाद जैसी चुनौतियों का प्रभावी मुकाबला किया जा सके। सुरक्षा और विकास दोनों को साथ लेकर चलना होगा।