रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नुआखाई उत्सव के अवसर पर सेवा, समर्पण और युवा शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शामिल हुईं। इस आयोजन में चार हजार से अधिक युवाओं की सहभागिता रही। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत अन्य अतिथि भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति ने युवाओं को जीवन में सफलता हासिल करने के लिए निरंतर सीखने, चुनौतियों का सामना करने और अपनी उपलब्धियों को समाज की प्रगति से जोड़ने का संदेश दिया।
युवाओं को राष्ट्रपति ने दिए सफलता के तीन संकल्प
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में युवाओं से जीवन में तीन महत्वपूर्ण संकल्प अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति को आजीवन सीखते रहना चाहिए। समय के साथ अपने ज्ञान और कौशल को विकसित करना जरूरी है।
राष्ट्रपति ने युवाओं को चुनौतियों से नहीं डरने की सलाह देते हुए कहा कि असफलता से निराश होने के बजाय अपनी कमियों को पहचानना चाहिए और उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने तीसरे संकल्प के रूप में अपनी सफलता को समाज की प्रगति से जोड़ने पर जोर दिया। उनके मुताबिक, वास्तविक सफलता तभी सार्थक होती है, जब व्यक्ति अपनी उपलब्धियों के साथ दूसरों को भी आगे बढ़ने में मदद करे।
महिलाओं के सम्मान को व्यवहार में उतारने की अपील
राष्ट्रपति ने महिलाओं के सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यह हमारी सोच, व्यवहार और दैनिक आचरण में भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने युवाओं से परिवार, समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें पूरी निष्ठा से निभाने का आह्वान किया।
नुआखाई की परंपरा के बीच छत्तीसगढ़ी में दिया अभिवादन
नुआखाई उत्सव के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और स्थानीय भाषा के प्रति आत्मीयता व्यक्त की। उन्होंने छत्तीसगढ़ी में कहा, “छत्तीसगढ़ के दीदी-बहिनी, भाई आऊ मयारू लइका मनला जोहार।” उनके इस संबोधन ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव और अपनत्व का संदेश दिया।
सेवा संकल्प अभियान में ढाई हजार से अधिक लोगों ने किया रक्तदान
कार्यक्रम में सेवा संकल्प अभियान के तहत रक्तदान करने वाले लोगों के योगदान को भी सराहा गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि अभियान के अंतर्गत ढाई हजार से अधिक लोगों ने रक्तदान किया। इनमें 1188 महिलाएं भी शामिल रहीं, जिन्होंने रक्तदान कर समाज सेवा की मिसाल पेश की।
रक्तदाताओं के इस योगदान को सामाजिक जिम्मेदारी और मानव सेवा की भावना से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने सभी रक्तदाताओं के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में अभियान के तहत रक्तदान करने वाले लोगों को सम्मानित करने की भी योजना थी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जीवन और संघर्ष को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि अपनी मेहनत, योग्यता और दृढ़ संकल्प के बल पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचना जनजातीय और ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए प्रेरणा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का जीवन यह संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है।
विकसित भारत 2047 में युवाओं की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
इसी दिशा में प्रदेश में पांच मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की जा रही है, जहां हर साल चार हजार विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है।
छत्तीसगढ़ में एआई मिशन पर भी काम जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ को आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मिशन पर भी काम किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ना, उनके कौशल को विकसित करना और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है
शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और नवाचार के माध्यम से युवाओं को विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में भागीदार बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
सेवा, संस्कृति और युवा शक्ति का संदेश
रायपुर में आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम ने सेवा भावना, सांस्कृतिक विरासत और युवा शक्ति के महत्व को रेखांकित किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संदेश स्पष्ट रहा कि निरंतर सीखना, चुनौतियों का सामना करना और अपनी सफलता से समाज को आगे बढ़ाना ही सार्थक जीवन का आधार है।
नुआखाई उत्सव के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने, महिलाओं का सम्मान करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी।