दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मालवीय नगर (हौजरानी) अग्निकांड और साकेत (सैदुलाजाब) इमारत ढहने की घटना में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में असाधारण साहस दिखाने वाले नागरिकों, पुलिसकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बचावकर्मियों को सम्मानित किया।
राहत कार्यों में जुटे लोगों को मिला सम्मान
मुख्यमंत्री ने उन लोगों को सम्मानित किया जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों की जान बचाई। सम्मानित व्यक्तियों को 21,000 रुपये का प्रोत्साहन चेक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मालवीय नगर के विधायक Satish Upadhyay और छतरपुर के विधायक Kartar Singh Tanwar भी मौजूद रहे।
रियाजुद्दीन मंसूरी की बहादुरी को मिला विशेष सम्मान
मालवीय नगर के हौजरानी अग्निकांड के दौरान रियाजुद्दीन मंसूरी ने गद्दे बिछाकर कई लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। मुख्यमंत्री ने उनके साहस और मानवता की सराहना करते हुए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। सरकार ने उनके द्वारा उपयोग किए गए गद्दों की लागत की प्रतिपूर्ति करने के साथ 21,000 रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी प्रदान किया। कार्यक्रम में दोनों हादसों में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
मृतकों के परिजनों को 10 लाख, घायलों को 2 लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि दोनों घटनाओं में मृतकों के परिजनों को दिल्ली सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं घायलों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत राशि का वितरण पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों तक जल्द सहायता पहुंच सके।
"पूरे समाज को झकझोर देने वाली घटनाएं"
मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवीय नगर और साकेत की घटनाएं बेहद दुखद और हृदयविदारक हैं। उन्होंने कहा कि इन हादसों ने कई परिवारों को ऐसी पीड़ा दी है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मालवीय नगर हादसे में जहां एक पूरा परिवार प्रभावित हुआ, वहीं इलाज के लिए भारत आए विदेशी नागरिकों के परिवारों को भी इस त्रासदी का सामना करना पड़ा। यह केवल प्रभावित परिवारों का नहीं बल्कि पूरे समाज की साझा पीड़ा है।
बचावकर्मियों और स्थानीय लोगों की सराहना
मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में शामिल नागरिकों, पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में उनकी तत्परता और साहस ने बड़े नुकसान को टालने में मदद की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद लोगों ने जिस सेवा भावना और एकजुटता का परिचय दिया, वह दिल्ली के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
इन लोगों को किया गया सम्मानित
साकेत भवन हादसे के दौरान राहत कार्यों में योगदान देने वाले दक्षिण जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के जिला परियोजना अधिकारी चंदर प्रकाश, दिल्ली पुलिस के निरीक्षक रितेश कुमार शर्मा, कांस्टेबल मनीष कुमार जांगिड़, विवेक शाक्य, अंगद मीणा, स्थानीय निवासी कपिल गिरी, हरजीत कुमार और डॉ. रफीक खान को सम्मानित किया गया।
वहीं मालवीय नगर अग्निकांड में योगदान देने वाले इसरार खान, कमल कुमार, शशि कुमार, पवन कुमार, राकेश कुमार, संजय गोयल, शिव कुमार, गोविंद, कुनाल, मोहम्मद उवैश, मोहम्मद अफजल, मोहम्मद अनीस, आमिर खान, वसीम राजा, मोहम्मद सोहैब खान, रियाजुद्दीन मंसूरी सहित कई पुलिसकर्मियों और स्थानीय नागरिकों को भी सम्मानित किया गया।
भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों, आपदा प्रबंधन प्रणाली और जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार मानवता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए ऐसे साहसिक और प्रेरणादायक कार्यों को आगे भी प्रोत्साहित करती रहेगी।