नई दिल्ली: श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर यात्रा से जुड़ी सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में गृह मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर पर कोई चूक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अमरनाथ यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यात्रा मार्ग पर बनेगा अभेद्य मल्टी-लेयर सुरक्षा कवच
समीक्षा बैठक में अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया कि अमरनाथ यात्रा मार्ग पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs), जम्मू-कश्मीर पुलिस (JKP) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से मजबूत और बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग, बेस कैंप और प्रमुख पड़ावों पर सुरक्षा व्यवस्था को इस तरह मजबूत बनाया जाए कि किसी भी संभावित खतरे से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। सुरक्षा एजेंसियों को सतत निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को भी और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
ड्रोन, CCTV और आधुनिक तकनीक से होगी चौबीसों घंटे निगरानी
गृह मंत्री ने पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ आधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग और संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी कैमरे, सर्विलांस सिस्टम और अन्य अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग बढ़ाया जाए। सुरक्षा एजेंसियों को रियल टाइम मॉनिटरिंग और इंटेलिजेंस इनपुट साझा करने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए भी कहा गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य, आवास और आपदा प्रबंधन पर विशेष फोकस
अमित शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण, आवास, चिकित्सा सुविधाएं, आपातकालीन सेवाएं और आपदा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न शिविर स्थलों पर वरिष्ठ अधिकारियों की नियमित निगरानी बनी रहनी चाहिए ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य केंद्रों, एम्बुलेंस सेवाओं और राहत दलों को भी पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों और पशुओं का भी होगा पंजीकरण
बैठक में यात्रा से जुड़े स्थानीय सेवा प्रदाताओं और पशु मालिकों के पंजीकरण पर भी विशेष चर्चा हुई। गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों और पशुओं को QR कोड आधारित पहचान पत्र जारी किए जाएं। इससे सुरक्षा एजेंसियों को पहचान सत्यापन में आसानी होगी और यात्रा प्रबंधन अधिक व्यवस्थित बन सकेगा। इसके अलावा घोड़ों, खच्चरों और अन्य पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष मेडिकल शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मौसम के अनुसार आगे बढ़ेंगे श्रद्धालुओं के जत्थे
अमरनाथ यात्रा के दौरान मौसम की भूमिका को देखते हुए गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रियों के जत्थों की आवाजाही मौसम विभाग के पूर्वानुमान और वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर ही तय की जाए। उन्होंने कहा कि खराब मौसम या प्राकृतिक जोखिम की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए मौसम निगरानी तंत्र और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया।
पर्यटन स्थलों पर भी बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
अमित शाह ने केवल अमरनाथ यात्रा मार्ग ही नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु अक्सर अन्य पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण करते हैं, इसलिए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा का मजबूत ढांचा तैयार किया जाना आवश्यक है। इससे श्रद्धालु और पर्यटक दोनों सुरक्षित वातावरण में अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे।