केंद्र सरकार ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगाया गया नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) हटा दिया है। गृह मंत्रालय के अनुसार यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होगा। बताया गया कि वांगचुक ने NSA के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर लिया है।
लेह हिंसा के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
लद्दाख प्रशासन ने 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा भड़काने के आरोप में कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद 26 सितंबर 2025 को सोनम वांगचुक को NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। तब से वे Jodhpur की जेल में बंद थे।
हिंसा में 4 लोगों की हुई थी मौत
लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 150 से अधिक लोग घायल हुए थे। आंदोलन के दौरान हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए वांगचुक को हिरासत में लिया था।
170 दिन बाद मिल सकती है रिहाई
करीब साढ़े पांच महीने यानी लगभग 170 दिन हिरासत में रहने के बाद अब उनके रिहा होने का रास्ता साफ हो गया है। गृह मंत्रालय के फैसले के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
क्या है NSA कानून
National Security Act के तहत सरकार को ऐसे लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार होता है, जिनसे देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो सकता है। इस कानून के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है।
राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन
सोनम वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान हुए प्रदर्शनों के बाद सरकार ने उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था और NSA के तहत कार्रवाई की थी।
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