कोलकाता: कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति, विकास और कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखे सवाल उठाए।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश भाजपा के मीडिया संयोजक प्रोफेसर बिमल शंकर नंदा, सह-संयोजक चंद्रशेखर बसोटिया और मुख्य प्रवक्ता देवजीत सरकार भी मौजूद रहे।
“बंगाल ऐतिहासिक बदलाव के मोड़ पर है” – भाजपा
प्रेस वार्ता की शुरुआत में देवजीत सरकार ने कहा कि पश्चिम बंगाल 34 वर्षों के वाम शासन और 15 वर्षों के तृणमूल कांग्रेस शासन के बाद अब बदलाव की ओर देख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार और अत्याचार के कारण जनता परिवर्तन चाहती है।
डॉ. त्रिवेदी का बड़ा बयान: “भय से निकलकर जनता परिवर्तन चाहती है”
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है और जनता का रुझान परिवर्तन की ओर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार, अपराध और तुष्टिकरण ने विकास को बाधित किया है।
उन्होंने कहा कि जनता अब “भय के वातावरण” से निकलकर विकास और विश्वास के साथ नई सरकार चाहती है।
विकास बनाम पिछड़ापन का मुद्दा उठाया
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि कभी कोलकाता देश का औद्योगिक और आर्थिक केंद्र हुआ करता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। भाजपा का लक्ष्य इसे फिर से विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है।
महिला सुरक्षा और अपराध पर हमला
उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में अपराध और सजा की दर चिंताजनक है।
रोजगार और विकास का वादा
डॉ. त्रिवेदी ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने पर 5 वर्षों में 1 करोड़ रोजगार सृजित किए जाएंगे। साथ ही महिलाओं को ₹3000 मासिक सहायता और महिला सुरक्षा बल के गठन का वादा किया गया।
सीमा सुरक्षा और घुसपैठ पर बयान
उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ रोकने के लिए “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” नीति लागू की जाएगी और बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
“यह चुनाव सिर्फ राज्य नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है”
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि यह चुनाव केवल पश्चिम बंगाल का नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और भविष्य की दिशा तय करने वाला चुनाव है।
उन्होंने अंत में कहा कि अब समय आ गया है कि पश्चिम बंगाल भी विकास की मुख्यधारा से जुड़े और भाजपा को एक अवसर दिया जाए, जिससे राज्य में “परिवर्तन का नया अध्याय” शुरू हो सके।