तमिलनाडु के सीएम एम. के. स्टालिन ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए नीट से छूट देने और राज्यों को 12वीं के अंकों के आधार पर मेडिकल तथा डेंटल कॉलेजों में प्रवेश देने की मांग की है।
पेपर लीक के बाद उठी मांग
नीट-यूजी परीक्षा को लेकर हाल में विवाद बढ़ा है। परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद मामला जांच एजेंसियों तक पहुंचा है। इसी बीच स्टालिन ने कहा कि लगातार गड़बड़ियों से परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है और राज्यों को वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का अधिकार मिलना चाहिए।
पुरानी प्रणाली का किया समर्थन
स्टालिन ने अपने पत्र में कहा कि तमिलनाडु में नीट लागू होने से पहले मेडिकल दाखिला 12वीं के सामान्यीकृत अंकों के आधार पर होता था। उनके अनुसार इस व्यवस्था से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को अधिक अवसर मिलते थे। उन्होंने दावा किया कि इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत आधार मिला।
विधानसभा का प्रस्ताव भी याद दिलाया
तमिलनाडु सरकार ने पहले भी विधानसभा में इस संबंध में विधेयक पारित किया था। स्टालिन ने कहा कि राज्य ने 2021 और 2022 में नीट से छूट के लिए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिली है। उन्होंने केंद्र से इस दिशा में जल्द फैसला लेने की अपील की।
कोचिंग व्यवस्था पर सवाल
स्टालिन ने कहा कि नीट अब कोचिंग केंद्रों पर आधारित परीक्षा बन चुकी है। उनके अनुसार आर्थिक रूप से मजबूत परिवारों के छात्र महंगी तैयारी का लाभ उठा रहे हैं, जबकि गरीब और ग्रामीण छात्रों के लिए अवसर सीमित हो गए हैं। उन्होंने कोचिंग उद्योग के बढ़ते प्रभाव पर भी चिंता जताई।
पुनर्परीक्षा की तैयारी तेज
दूसरी ओर केंद्र सरकार भी नीट पुनर्परीक्षा की तैयारी में जुटी है। धर्मेंद्र प्रधान ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की प्रक्रिया पर चर्चा की है। आने वाले दिनों में पुनर्परीक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।